भारत-पाक तनाव के बीच राजस्थान से 2 ऐसी कहानियां सामने आईं, जो देशप्रेम की मिसाल बन गईं। बाड़मेर में एक पिता ने इकलौते बेटे की शादी का समय बदला, तो पाली में दूल्हा-दुल्हन ने रात के फेरे दिन में लिए।
कहीं एक हजार लोगों का खाना बेकार हुआ, तो कहीं मेहमान नहीं पहुंच पाए। 10 मई को शाम 5 बजे सीजफायर लागू होने के बाद हालात सामान्य हो रहे हैं, लेकिन इन 2 परिवारों की कहानियां बताती हैं कि कैसे लोगों ने कहा – "पहले देश, फिर खुशियां।"
देश के लिए बदल दिया शादी का वक्त
- शादी की तैयारियां: मेडिकल व्यवसायी प्रवेश बाफना ने बताया कि बेटी नेहा (HDFC बैंक मैनेजर) और जोधपुर के राईका बाग के इंजीनियर आतिश की शादी 9 मई को होनी थी। करीब 1500 मेहमानों को कार्ड बंट चुके थे, शाम को डिनर और रात को फेरे तय थे।
- तनाव ने बदला प्लान: भारत-पाक तनाव के चलते प्रशासन ने रात 10 बजे के बाद लाइटें जलाने पर पाबंदी लगा दी। दोनों परिवारों ने मिलकर तुरंत फैसला लिया और देशहित में शादी का समय बदलकर दोपहर 3 बजे कर दिया। वॉट्सऐप पर सभी मेहमानों को नए समय की सूचना भेजी गई।
- शादी दिन में कर दिखाया देशप्रेम: जोधपुर के गढ़ गोविंद रिसॉर्ट में दोपहर को फेरे संपन्न हुए। बाफना ने कहा, "कुछ मेहमान समय पर नहीं पहुंच पाए, लेकिन देश के लिए इतना तो कर ही सकते हैं।"
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ब्लैकआउट को देखते हुए प्रोग्राम बदला: विश्वकर्मा सर्किल के भरत कुमार ने बताया कि 8 मई को भतीजे मोहन उर्फ मनीष की शादी थी। ब्लैकआउट की एडवाइजरी का पालन करते हुए 10 मई की रात 8 बजे का रिसेप्शन बदलकर दोपहर 1 बजे रखा गया। सभी रिश्तेदारों को फोन और मैसेज कर नए समय की जानकारी दी गई।
रेड अलर्ट ने बिगाड़ा प्लान: भरत कुमार ने बताया- एक हजार मेहमानों के लिए खाना तैयार था, सजावट हो चुकी थी और परिवार मेहमानों का इंतजार कर रहा था, लेकिन अचानक प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी कर दिया। लोगों से घरों में रहने की अपील की गई। परिवार के सदस्यों के अलावा कोई मेहमान नहीं पहुंच सका।
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खुशियां रह गईं अधूरी: भरत कुमार ने बताया- जुझाराम के इकलौते बेटे की शादी में की गई सारी तैयारियां बेकार हो गईं। एक हजार लोगों का खाना और परिवार की खुशियां – सब अधूरी रह गईं। भरत कुमार कहते हैं, "हमने प्रशासन की हर बात मानी, रात का कार्यक्रम दिन में किया, फिर भी रेड अलर्ट ने सब कुछ बदल दिया।"
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बीकानेर में शादी समारोहों का बदल रहा समय भारत-पाक तनाव के चलते बीकानेर में शादी समारोहों का समय बदल रहा है। परकोटे के हलवाई मानजी ने बताया कि जयपुर-जोधपुर बाइपास के मैरिज पैलेस से लेकर पुरानी गिन्नाणी की गलियों तक, सभी जगह 12-13 मई को होने वाले विवाह समारोहों में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। उनके यहां 300 लोगों का रात का डिनर अब दिन के लंच में बदल गया है। शादी के कार्ड पहले से बंट चुके हैं, इसलिए रात के स्टॉल्स की जगह दिन का नया मेन्यू तैयार करना पड़ रहा है।



