भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त करने पर जोर दे रही है लेकिन ग्राम पंचायतों के पास खुद के भवन ही नहीं है। 1,455 ग्राम पंचायतें भवन विहीन हैं। 2,531 ग्राम पंचायतों के भवन जर्जर हो चुके हैं। इन्हें तोड़कर नया भवन बनाने की आवश्यकता है। सरकार ने इस वर्ष राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में आधुनिक सुविधा युक्त पंचायत भवन बनाने का लक्ष्य रखा है।
इसके तहत 2,472 नए अटल पंचायत भवन एवं जनपद स्तर पर 106 अटल सुशासन भवन बनाए जा रहे हैं। इसमें प्रत्येक पंचायत भवन के लिए 37.5 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिला सीहोर में 111 पंचायतों के भवन ही नहीं हैं। वहीं 18 पंचायत भवन जर्जर हो गए हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में 11 पंचायतें भवन विहीन और 70 पंचायत भवन जर्जर हैं।मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने हाल ही में विभागीय समीक्षा में अर्ध शहरी एवं बड़ी ग्राम पंचायतों को सशक्त करते हुए उनके विकास के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। नगरीय निकायों के मध्य विद्यमान पंचायतों को परस्पर समन्वय से सड़कें और अन्य आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के सांसद-विधायकों और यहां तक की मंत्रियों को भी गांवों में समय बिताने के निर्देश दिए हैं।
भाजपा के स्थापना दिवस से जनप्रतिनिधि तीन दिन तक प्रतिदिन आठ घंटे गांव में बिताएंगे। यहां वे गांव के लोगों से संपर्क कर राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में चर्चा करेंगे तो गांव की आवश्यकताओं को जानकर उसकी पूर्ति का प्रयास भी होगा। ऐसे में माना जा रहा है इस अभियान के माध्यम से सरकार का भवन विहीन ग्राम पंचायतों की ओर भी ध्यान जाएगा।



