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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सोमवार को बीजिंग में चीन के स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। यह बैठक शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सुरक्षा सलाहकारों की 20वीं बैठक के मौके पर हुई।

इस दौरान डोभाल ने साफ तौर पर कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आतंकवाद के हर रूप का मिलकर मुकाबला करना जरूरी है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि बैठक में दोनों देशों ने आपसी रिश्तों की हालिया प्रगति की समीक्षा की और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंध बढ़ाने पर जोर दिया।

इससे पहले दिसंबर 2024 में भी डोभाल और वांग ने बीजिंग में बैठक की थी, जहां कैलाश मानसरोवर यात्रा, ट्रांस-बॉर्डर नदी सहयोग और नाथुला ट्रेड जैसे मुद्दों पर 6 सहमतियों पर फैसला हुआ था।

डोभाल बोले- सीमा पर शांति बनाए रखना जरूरी

बैठक में यह तय हुआ कि अजीत डोभाल और वांग यी भारत में स्पेशल रिप्रजेंटेटिव (SR) स्तर की 24वीं वार्ता में जल्द मुलाकात करेंगे। NSA डोभाल ने यह भी कहा कि सीमा पर शांति बनाए रखना और आतंकवाद से कठोरता से निपटना जरूरी है।

पाक-भारत झड़प के बाद पहली बड़ी कूटनीतिक बैठक 

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच 7 से 10 मई तक सैन्य झड़प हुई थी, जिसकी शुरुआत 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई थी। चीन ने उस आतंकी हमले की निंदा तो की थी, लेकिन साथ ही यह भी सामने आया था कि उसने पाकिस्तान को जंग के दौरान हथियारों दिए हैं।

राजनाथ सिंह भी जाएंगे चीन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी 25 से 27 जून तक चीन के किंगदाओ शहर में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी शामिल होंगे।

यह किसी भी भारतीय मंत्री का 7 साल बाद चीन का दौरा होगा। इससे पहले अप्रैल 2018 में उस समय की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज गई थीं।