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बक्सर: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को बिहार के बक्सर जिले के नावानगर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया। यहां उन्होंने प्लांट और बॉटलिंग प्लांट के अलावा एथेनॉल यूनिट का निरीक्षण किया। सबसे पहले उन्होंने वरुण वीवरेज लिमिटेड का निरीक्षण करते हुए यहां के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने पेय पदार्थ बनाने की प्रक्रिया को देखा और समझा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्थानी विधायक मौजूद रहे। उसके बाद उन्होंने
नावानगर औधौगिक क्षेत्र स्थित भारत प्लस इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया। यहां पर कामकाज को गहनता से देखा। फिर उन्होंने एसएलएमजी वीवरेज लिमिटेड का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बक्सर को एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत सोमवार, 08 दिसंबर को नवानगर क्षेत्र में पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री का दौरान

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री ने औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण करने के बाद पटना के लिए रवाना हो गए। उससे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुबह 10:20 बजे पटना हवाई अड्डे के लिए अपने आवास से प्रस्थान किया और 10:30 बजे नवानगर स्थित हेलिपैड पर पहुंचे। नवानगर में मुख्यमंत्री का कुल 25 मिनट का कार्यक्रम निर्धारित था, जिसका उन्होंने गहनता से पालन किया। नवानगर पहुंचने के बाद, उन्होंने सबसे पहले औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित ऑक्सीजन प्लांट, एथेनॉल प्लांट और वरुण बेवरेज पेप्सिको बॉटलिंग यूनिट सहित स्थापित औद्योगिक इकाइयों की प्रगति का जायजा लिया। इस क्षेत्र में BIADA की लगभग डेढ़ सौ एकड़ जमीन चिन्हित है, जहां तीन कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है और कुछ इकाइयों में उत्पादन कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

SEZ मुख्यालय की योजना

औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण के अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने इलाके के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने ₹102 करोड़ की लागत से SEZ मुख्यालय के प्रस्तावित निर्माण योजना के बारे में जानकारी दी, जिससे इस क्षेत्र में 10 हजार लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री की इस परियोजना पर विशेष नजर है, जो स्थानीय युवाओं के लिए अवसरों के द्वार खोलेगी। मुख्यमंत्री के दौरे से पूर्व सुरक्षा और प्रबंधन को लेकर डीएम विद्यानंद सिंह एवं एसपी शुभम आर्य ने नवानगर पहुंचकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे, जिसके कारण यह दौरा सुचारू रूप से संपन्न हुआ। बक्सरवासियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के इस सफल निरीक्षण से जिले के औद्योगिक विकास की रफ्तार और तेज होगी।

सम्राट चौधरी रहे मौजूद

इस दौरे में उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बिहार में उद्योग धंधों को बढ़ावा देने की दिशा में यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार की योजना के तहत बक्सर के नवानगर और बेतिया में 250 एकड़ भूमि पर बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित की जाएंगी। नवानगर में अकेले 125 एकड़ भूमि पर लगभग 109 करोड़ रुपये खर्च कर SEZ का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घूम-घूमकर इस निर्माणाधीन औद्योगिक इकाई का निरीक्षण किया, जो यह दर्शाता है कि नई सरकार औद्योगिक विकास को शीर्ष प्राथमिकता दे रही है।

रोजगार सृजन की योजना

उद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार से हाल ही में मंजूरी प्राप्त ये दोनों SEZ विशिष्ट होंगे, जिनमें विश्व स्तरीय सुविधाओं और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। विभाग का मुख्य उद्देश्य यहाँ उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाना और सभी आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। दोनों SEZ के निर्माण पर संयुक्त रूप से लगभग ₹225 करोड़ खर्च होने का अनुमान है, जिसके लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा रही है। बक्सर के नवानगर में इस औद्योगिक जोन के स्थापित होने से न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। विशेष आर्थिक जोन में उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को सरकार की ओर से कई तरह की छूट और सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।