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नासिक : जो बात वर्क प्लेस पर एक शिकायत के तौर पर शुरू हुई थी, वह अब एक ऐसे मामले में बदल गई है जिस पर पूरे देश का ध्यान जा रहा है। यह मामला है नासिक का। केस भी कोई छोटी कंपनी नहीं, बल्कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ की BPO यूनिट का है। मामले में टीसीएस के कर्मचारियों के यौन शोषण और ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन की कोशिशों का आरोप लगा है। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और राजनीतिक नेताओं की तरफ़ से भी कड़ी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मामला तूल पकड़ता जा रहा है। टीसीएस के बाहर सुबह से शाम तक प्रदर्शन हो रहे हैं। महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है।

यह मुद्दा कोई नया नहीं है। कुछ शिकायतें तो 2022 की हैं। हालांकि इस साल मार्च में मामला तब और बढ़ गया जब एक महिला ने अपने एक सहकर्मी पर शादी का झूठा वादा करके उसके साथ संबंध रखने का आरोप लगाया। उस एक शिकायत के बाद तो शिकायतों का सिलसिला ही शुरू हो गया। और भी कर्मचारी सामने आए, FIRs की संख्या बढ़ गई, गिरफ्तारियां हुईं, और अब महाराष्ट्र पुलिसकी विशेष जांच दल (SIT) उन आरोपों की जांच कर रहा है जो कई सालों से कंपनी में चल रहा था।

ये हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस के अनुसार, अब तक मामले में 9 FIR दर्ज की गई हैं। और इस मामले के संबंध में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं। आरोपियों में शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, आसिफ अंसारी और दानिश शेख शामिल हैं। उन्हें अदालत में पेश किया गया और पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक की देखरेख में, इस मामले की जांच ACP क्राइम संदीप मितके के नेतृत्व वाली एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि इन आरोपों में यौन अपराध और काम की जगह पर धार्मिक दबाव बनाने के दावे, दोनों शामिल हैं।

टीम लीड्स पर धमकाने और नौकरी से निकालने का आरोप

पुलिस ने बताया कि पहली FIR मार्च 2026 में खुफिया जानकारी मिलने के बाद दर्ज की गई थी, जिसके बाद और भी शिकायतें सामने आईं। पीड़ितों ने उत्पीड़न, दबाव और शिकायतों को नज़रअंदाज़ किए जाने के आरोप लगाए हैं। कई महिला कर्मचारियों और कम से कम एक पुरुष सहकर्मी ने नासिक शहर पुलिस से संपर्क कर आरोप लगाया है कि सीनियर कर्मचारियों, खासकर टीम लीड्स के एक समूह द्वारा उनके साथ लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है।

जबरन नमाज पढ़ने और धर्म परिवर्तन का दबाव

शिकायतकर्ताओं ने बार-बार गलत तरीके से छूने, अश्लील टिप्पणियां करने, छेड़छाड़ करने और कुछ मामलों में शादी के झूठे वादे करके शारीरिक संबंध बनाने के आरोप लगाए हैं। पीड़ितों ने यह भी बताया कि उन पर धर्म परिवर्तन करने, नमाज पढ़ने और मुस्लिम धर्म के आयोजनों में शामिल होने का दबाव डाला गया। कुछ ने तो यह भी आरोप लगाया कि उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने की कोशिशें की गईं।

एचआर हेड निदा खान की मिलीभगत का आरोप

एक अलग शिकायत में, एक पुरुष कर्मचारी ने दावा किया कि उसे उसकी मर्ज़ी के खिलाफ धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया। कई शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने पहले भी सीनियर अधिकारियों और HR विभाग के सामने यह मुद्दा उठाया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जांच के दौरान यह पता चला कि एचआर हेड निदा खान खुद इस खौफनाक साजिश में शामिल थी। उससे बार-बार शिकायतें की गईं लेकिन उसने कोई एक्शन नहीं लिया। निदा खान का बयान 10 अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया था।

WhatsApp ग्रुप और टारगेट करने के आरोपों की जांच

सूत्रों के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों ने कथित तौर पर WhatsApp ग्रुप बनाए थे, जिनमें कमज़ोर सहकर्मियों को टारगेट करने के बारे में चर्चा होती थी। जांचकर्ता अब उन आरोपों की जांच कर रहे हैं कि जूनियर कर्मचारियों, खासकर युवा हिंदू महिलाओं की पहचान करके, उन्हें प्रलोभन या निजी प्रभाव का इस्तेमाल करके संपर्क किया गया। पुलिस ने इस मामले को कार्यस्थल के अंदर सक्रिय एक ग्रुप से जुड़ा बताया है, और कथित गतिविधियों की सीमा का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं से जांच कर रही है। अधिकारियों ने ज़्यादा पीड़ितों से आगे आने की अपील भी की है और शिकायतों के लिए एक खास WhatsApp नंबर भी जारी किया है।

TCS ने कर्मचारियों को सस्पेंड किया

टीसीएस (Tata Consultancy Services) ने कहा कि उसने जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और अधिकारियों के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है। कंपनी ने दोहराया कि आगे की कार्रवाई चल रही जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विरोध प्रदर्शन तेज़ हुए

इस मामले ने नासिक में TCS परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया है और तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन आरोपों को चौंकाने वाला बताया और इस मामले को गंभीर करार दिया, साथ ही पुलिस की कार्रवाई की सराहना भी की। राज्य मंत्री नितेश राणे ने HR विभाग की भूमिका पर सवाल उठाए और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की, साथ ही आरोप लगाया कि ये घटनाएं एक बड़े पैटर्न की ओर इशारा करती हैं।

जांच जारी है, अभी तक कोई चार्जशीट दायर नहीं

पुलिस ने बताया कि जांच अभी भी जारी है और अब तक कोई चार्जशीट दायर नहीं की गई है। SIT भारतीय दंड संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत यौन उत्पीड़न, मारपीट और धार्मिक दबाव से जुड़े आरोपों सहित सभी शिकायतों और सबूतों की जांच कर रही है। इस मामले ने IT क्षेत्र में कार्यस्थल की सुरक्षा, युवा कर्मचारियों की संवेदनशीलता और बड़े संगठनों में आंतरिक शिकायत निवारण प्रणालियों की प्रभावशीलता को लेकर बहस को फिर से तेज़ कर दिया है।