भोपाल। ईंटखेड़ी क्षेत्र स्थित बहुउद्देश्यीय सहकारी संस्था, ग्राम रायपुर में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की किश्तों के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। संस्था में पदस्थ प्रभारी मैनेजर समेत तीन कर्मचारियों ने मिलकर किसानों से वसूली गई करीब 41.94 लाख रुपए की राशि का गबन किया है। पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अवकाश के दिन वसूली का खेल
पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला 26 मार्च की शाम और 27 मार्च को दिनभर किए गए कलेक्शन से जुड़ा हुआ है। इन दिनों आरोपितों ने किसानों से किसान क्रेडिट कार्ड की किश्त के नाम पर रकम वसूली थी।
चौंकाने वाली बात यह है कि 27 मार्च को रामनवमी का अवकाश होने के बावजूद कर्मचारियों ने किसानों से पैसे वसूले। नियमानुसार अवकाश के दिन की गई वसूली राशि को सुरक्षित रखकर अगले कार्यदिवस में सोसायटी में जमा करना होता है, लेकिन आरोपितों ने ऐसा नहीं किया।
प्रशासक की शिकायत पर खुलासा
शिकायतकर्ता रामचरण सिलावट, जो कि सहकारी संस्था के प्रशासक हैं, ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि संस्था में मनोज कुमार जाट (सहायक लिपिक), नरेश नागर और मुकेश विश्वकर्मा पदस्थ हैं। ये तीनों कर्मचारी किसानों से लोन की किस्त वसूली का कार्य देखते थे। आरोप है कि तीनों ने मिलकर 26 की शाम और रामनवमी के दिन अवकाश पर किसानों से 41.94 लाख रुपए की वसूली की, लेकिन उक्त राशि को सोसायटी के खाते में जमा नहीं किया।
नोटिस के बाद भी नहीं जमा की राशि, आरोपित फरार
इस दौरान प्रशासक अवकाश पर थे। बाद में उन्होंने कई बार नोटिस जारी कर राशि जमा करने के निर्देश दिए गए, लेकिन आरोपितों ने न तो जवाब दिया और न ही पैसे जमा किए। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। ईंटखेड़ी थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
जांच अधिकारी एसआई नवीन वर्मा के अनुसार, फिलहाल तीनों आरोपित फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कितने किसानों से राशि वसूली गई और क्या इस गबन में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।



