ढाका: बांग्लादेश में मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही 18 महीने से चल रही बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का अंत हो गया। यूनुस का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब मंगलवार को बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। 85 साल के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने देश के नाम आखिरी संबोधन में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा, आज अंतरिम सरकार पद छोड़ रही है, लेकिन लोकतंत्र, बोलने की आजादी और बुनियादी अधिकारों का जो चलन शुरू हुआ है, वो नहीं रुकना चाहिए।
मोहम्मद यूनुस अगस्त 2024 में स्वनिर्वासन खत्म कर देश वापस लौटे थे, जब छात्रों के विद्रोह ने 15 साल से शासन कर रहीं शेख हसीना की सरकार को गिरा दिया था। 8 अगस्त 2024 को मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुखिया के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद से वह मुख्य सलाहकार के तौर पर काम कर रहे थे। यूनुस के नेतृत्व वाले प्रशासन ने बांग्लादेश में 12 फरवरी को राष्ट्रीय चुनाव कराए जिसमें बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। अंतिरम सरकार के मुखिया के रूप में यूनुस के आखिरी संबोधन की प्रमुख बातें इस तरह हैं-
4-उन्होंने जुलाई चार्टर का जिक्र किया और कहा कि अगर यह लागू होता है तो फासीवाद की वापसी के रास्ते हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे। मुझी उम्मीद है कि इसे तय समय में लागू किया जाएगा। चुनाव में वोटरों ने एक रेफरेंडम में जुलाई चार्टर के सुधारों का समर्थन किया है।
5- यूनुस ने संबोधन में नेपाल, भूटान के साथ भारत के सेवेन सिस्टर्स (पूर्वोत्तर राज्यों) का जिक्र किया। उन्होंने कहा, हमारा खुला समुद्र एक भौगोलिक सीमा नहीं है। यह बांग्लादेश के लिए दुनिया की इकोनॉमी से जुड़ने का एक खुला दरवाजा है। नेपाल, भूटान और सेवेन सिस्टर्स के साथ इस इलाके में बहुत ज्यादा आर्थिक क्षमता है।



