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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कनाडा से क्रोएशिया पहुंचे। राजधानी जगरेब में पीएम मोदी के स्वागत में मंत्र पढ़े गए और भारतीय नृत्य पेश किया गया। इसके बाद PM मोदी भारतीय समुदाय के लोगों से मिले।

PM मोदी यहां क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच से द्विपक्षीय बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है। यह लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली शक्तियों का विरोधी है।

क्रोएशिया के PM आंद्रेज ने कहा कि हमने भारत में हुए आतंकवादी हमले पर भी चर्चा की और दुख जताया। हमने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर PM मोदी के संदेश को अच्छी तरह से समझा है, क्योंकि यह दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रोएशिया सरकार को धन्यवाद कहा।

ये किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। यहां 17 हजार से ज्यादा भारतीय रहते हैं। क्रोएशिया आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गेस्ट नेशन के तौर पर G7 समिट का हिस्सा बने थे। इस दौरान उन्होंने कई वर्ल्ड लीडर्स से मुलाकात की थी।

PM मोदी के 4 बड़े बयान….

1. भारत और क्रोएशिया दोनों लोकतंत्र जैसे मूल्यों से जुड़े हैं 

प्रधानमंत्री मोदी ने क्रोएशिया की पहली यात्रा पर गर्मजोशी से स्वागत के लिए वहां की सरकार और प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविच का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत और क्रोएशिया लोकतंत्र, कानून और विविधता जैसे साझा मूल्यों से जुड़े हैं।

2. दोनों देशों के बीच डिफेंस, डिजिटल में साझेदारी बढ़ेगी

दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को तीसरे कार्यकाल में तीन गुना गति से बढ़ाने का निर्णय लिया। रक्षा सहयोग योजना, व्यापार, फार्मा, कृषि, आईटी, डिजिटल व स्वच्छ तकनीक जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाई जाएगी।

3. संस्कृति, शिक्षा और सहयोग को मजबूत किया जाएगा 

भारत-क्रोएशिया के सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंधों को और मजबूत किया जाएगा। हिंदी चेयर की टाइमलाइन 2030 तक बढ़ाई गई है, 5 साल का सांस्कृतिक कार्यक्रम तय हुआ है और लोगों की आवाजाही के लिए मोबिलिटी समझौता जल्द होगा।

4. भारत-क्रोएशिया साझेदारी को और मजबूत करेंगे 

PM मोदी ने कहा कि क्रोएशिया में भले ही यह यात्रा छोटी है, लेकिन मुझे आपके शहर की संस्कृति, जीवनशैली और यहां के लोगों की गर्मजोशी का अनुभव हुआ। यहां मुझे अपनेपन का एहसास हुआ। हमने बहुत से महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जो भारत-क्रोएशिया साझेदारी को और मजबूत करेंगे और नए क्षेत्रों में मिलकर काम करने के रास्ते खोलेंगे।