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नई दिल्लीः माइक्रोसॉफ्ट ने वैश्विक AI असमानता को कम करने के लिए दशक के अंत तक 50 अरब डॉलर निवेश करने का बुधवार को ऐलान किया। कंपनी ने AI समिट में कहा कि ग्लोबल नॉर्थ की तुलना में ग्लोबल साउथ में AI अपनाने की रफ्तार लगभग आधी है और यह अंतर लगातार बढ़ रहा है। माइक्रोसॉफ्ट के प्रेजिडेंट ब्रैड स्मिथ, चीफ रिस्पॉन्सिबल AI ऑफिसर नताशा क्रैम्पटन समिट में एक सेशन में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो AI की खाई वैश्विक आर्थिक असमानताओं को और गहरा कर सकती है।

50 अरब डॉलर का यह निवेश पांच प्रमुख क्षेत्रों में खर्च होगा, जिसमें डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग, मल्टी-लैंग्वेज AI डिवेलपमेंट, स्थानीय इनोवेशन और AI अपनाने पर केंद्रित होगा। पिछले वित्त वर्ष में माइक्रोसॉफ्ट ने ग्लोबल साउथ के लिए डाटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 8 अरब डॉलर से अधिक खर्च किए, जिसमें भारत, मैक्सिको, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व शामिल हैं। कंपनी 25 करोड़ लोगों तक इंटरनेट पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रही है, जिनमें 10 करोड़ लोग अफ्रीका से होंगे।

अब तक अफ्रीका में 11.7 करोड़ लोगों तक पहुंच बनाई जा चुकी है। डिजिटल स्किलिंग के तहत पिछले वर्ष 2 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया गया। भारत में 2025 में 56 लाख लोगों को प्रशिक्षित करने के बाद अब 2030 तक 2 करोड़ भारतीयों को एआई कौशल से लैस करने का लक्ष्य तय किया गया है। समिट में ‘एलीवेट फॉर एजुकेटर्स’ कार्यक्रम भी लॉन्च किया गया, जिसके तहत 2 लाख से अधिक संस्थानों के 20 लाख शिक्षकों और 80 लाख छात्रों को एआई क्षमता से सशक्त बनाया जाएगा।

स्टार्टअप इकोसिस्टम को बूस्ट देगा क्वालकॉम

अमेरिकी चिप निर्माता कंपनी क्वालकॉम ने भारत के AI स्टार्टअप इको सिस्टम को बूस्ट देने के लिए 150 मिलियन डॉलर (करीब 1360 करोड़ रुपये) के निवेश का बुधवार को ऐलान किया। यह फंड सभी स्टेप्स के स्टार्टअप्स में लगाया जाएगा, विशेष रूप से ऑटोमोटिव, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), रोबॉटिक्स और मोबाइल से जुड़े AI समाधान विकसित करने वाली कंपनियों पर फोकस रहेगा।

कंपनी के CEO क्रिस्टियानो एमोन ने कहा कि AI अब नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां स्मार्टफोन्स, पीसी, कारों और औद्योगिक मशीनों जैसे उपकरणों में सीधे इंटेलिजेंस शामिल हो रहा है। उन्होंने कहा कि AI विभिन्न क्षेत्रों में इनोवेशन को बढ़ावा देगा और भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम इसमें अहम भूमिका निभाएगा।