पंजाब नेशनल बैंक के ₹13,850 करोड़ के फ्रॉड के आरोपी और भगोड़ा बिजनेसमैन को बेल्जियम से भारत लाने की कोशिश जारी हैं। केंद्र ने बेल्जियम सरकार को एक लेटर में बताया कि चोकसी को मुंबई के आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर-12 में रखा जाएगा। वहां एक कोठरी में 6 लोगों के रहने की क्षमता है।
लेटर में कहा गया कि अगर चोकसी को बेल्जियम से भारत लाए जाता है, तो उसके साथ मानवीय व्यवहार किया जाएगा। उसे 14 से ज्यादा सुविधाएं देने का भरोसा दिया है। हालांकि, केंद्र ने चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए यह पत्र कब लिखा इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
भारतीय जांच एजेंसियों के प्रत्यर्पण की अपील पर, चोकसी को 12 अप्रैल को बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया था। वह और उसका भतीजा नीरव मोदी, PNB धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी हैं। भगोड़ा नीरव लंदन में है। उसके प्रत्यर्पण के लिए भी कोशिशें जारी हैं। दोनों ने 2018 में भारत छोड़ दिया था।
स्विट्जरलैंड भागने की तैयारी कर रहा था चोकसी
मेहुल चोकसी को लेकर मार्च में खुलासा हुआ था कि वह बेल्जियम में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेहुल पत्नी प्रीति चोकसी के साथ रह रहा था, जिन्हें बेल्जियम की नागरिकता मिली है। बेल्जियम के विदेश मंत्रालय ने ही भारत को चोकसी की मौजूदगी की जानकारी दी थी।
सूत्रों के मुताबिक, मेहुल चोकसी बेल्जियम से स्विट्जरलैंड भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने चोकसी को गिरफ्तार करते समय दो गिरफ्तारी वारंट का हवाला दिया। ये मुंबई की एक अदालत ने जारी किए थे। ये वारंट 23 मई 2018 और 15 जून 2021 के थे।
पत्नी की मदद से हासिल किया रेजिडेंसी कार्ड
चोकसी ने पत्नी की मदद से 15 नवंबर, 2023 को बेल्जियम का ‘एफ रेजिडेंसी कार्ड’ हासिल किया था। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि चोकसी ने बेल्जियम अधिकारियों को फर्जी दस्तावेज सौंपे थे। उसने अपनी भारतीय और एंटीगुआ की नागरिकता छिपाकर गलत जानकारी दी, ताकि उसे भारत न भेजा जा सके।
2018 में भारत छोड़ने से पहले ही चोकसी ने 2017 में ही एंटीगुआ-बारबूडा की नागरिकता ले ली थी। चोकसी बार-बार खराब सेहत का हवाला देकर भारत में पेशी पर आने से इनकार करता रहा। कभी-कभी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही उसकी पेशी होती थी। भारत में उसकी कई संपत्तियां भी जब्त की जा चुकी हैं।



