नई दिल्ली: बिहार में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने चर्चित नौकरी के बदले जमीन घोटाले ( Land For Job Scam) केस में अपने और परिवार के खिलाफ दर्ज FIR से जुड़ी कार्रवाई को रद्द करने की मांग की थी।
लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से झटका
पूरा मामला कुछ ऐसे है कि सुप्रीम कोर्ट ने आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने जमीन के बदले नौकरी मामले में उनके और उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ दर्ज एफआईआर से संबंधित कार्यवाही को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि कोर्ट ने इसी मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को थोड़ी राहत भी दी है।
लालू यादव को हल्की राहत भी मिली
हालांकि, जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि लालू प्रसाद यादव को सुनवाई के दौरान निचली अदालत में पेश होने की जरूरत नहीं होगी और निचली अदालत को मामले के गुण-दोष की जांच करने का अधिकार दिया।
लालू प्रसाद यादव पर चार्जशीट हो चुकी है फाइल
आपको ये बता दें कि हाल ही में दिल्ली की राउज एवेन्यू की स्पेशल कोर्ट ने जनवरी 2026 में ही लालू प्रसाद यादव समेत बाकी आरोपियों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए थे। तब कोर्ट ने कहा था कि जमीन के बदले नौकरी घोटाले में लालू यादव, उनके परिवार के आरोपी सदस्यों और बाकी आरोपियों ने एक ‘क्रिमिनल एंटरप्राइज’ की तरह काम किया। जमीन के बदले नौकरी घोटाले में राउज एवेन्यू की स्पेशल कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव समेत 41 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए थे।
क्या है नौकरी के बदले जमीन घोटाला
नौकरी के बदले जमीन घोटाला तब का है जब लालू प्रसाद यादव यूपीए की तत्कालीन सरकार में केंद्रीय रेल मंत्री थे। आरोप है कि लालू प्रसाद यादव और उनके सहयोगियों ने रेलवे में नौकरी के लिए लोगों से जमीन लिखवा ली थी। इस मामले का खुलासा होने के बाद केंद्रीय एजेंसियों ने जांच शुरू की थी और इस साल जनवरी में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती समेत 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे।



