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सिंधुदुर्ग : महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में एक युवक का सीआरपीएफ में सिलेक्शन हुआ तो वह खुशी से झूम उठा। वह जल्दी से जल्दी यह खुशखबरी अपनी मां को देना चाहता था। वह मां के पास पहुंचा। मां उस समय रोज की तरह फुटपाथ पर सब्जियां बेच रही थीं। वह सब्जी बेचने के लिए आवाजें लगा रही थीं, बेटा उनके पांव में गिरा और आशीर्वाद लिया। मां को कुछ समझ नहीं आया। उन्होंने पूछा और जब बेटे के चयन का पता चला तो उसे सीने से चिपकाकर फूट-फूटकर रोने लगीं। हालांकि उनकी आखों के ये आंसू खुशी के थे, इस पल को जिसने देखा, वह ही भावुक हो गया।

मामला कुडाल तालुका के पिंगुली गांव का है। गोपाल सावंत की मां फुटपाथ पर सब्जियां बेचकर परिवार चलाती थीं। बेटे का सपना सेना में जाने का था। वह लंबे समय से तैयारी कर रहा था। जब सीआरपीएफ चयन की लिस्ट में उसका नाम आया तो उसकी खुशी का ठिकाना न रहा।

दौड़ते हुए मां के पास पहुंचा

उसके साथ उसके दोस्त थे। वह दोस्तों के साथ दौड़ते हुए उस जगह पहुंचा, जहां उसकी मां सब्जियां बेच रही थीं। बेटे को तेजी से अपनी ओर आता देख मां को समझ नहीं आया। इधर बेटा आते ही उनके पैरों पर लेट गया। मां ने उसे उठाया और बेटे ने बताया कि उसकी सीआरपीएफ में चयन हो गया है। मां ने फुर्ती से उसे अपने सीने से चिपका लिया और रोने लगीं। उसके बाद मां-बेटा दोनों एक-दूसरे से लिपटकर खूब रोए।

दोस्त ने बनाया वीडियो

गोपाल के एक दोस्त ने इस क्षण को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया। उन्होंने इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए फुटपाथ की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘यहीं से सब कुछ शुरू हुआ था। वह यहां हर दिन काम करती थी ताकि उसका बेटा बड़े सपने देख सके।’ वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘मैं बस यही चाहती थी कि वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके।’

मां-बेटे के भावुक क्षण का हर कोई हुआ मुरीद

यह वीडियो इंस्टाग्राम यूजर विलास कुडालकर ने शेयर किया, उन्होंने लिखा, ‘पिंगुली के शेतकर वाडी के गोपाल सावंत का सीआरपीएफ में चयन हो गया है और वह देश की सेवा करने जा रहे हैं। कुडाल नगर पंचायत में फुटपाथ पर व्यापार कर रही अपनी मां को यह खुशखबरी सुनाते हुए गोपाल का यह वीडियो दिल को छू लेने वाला है।’ एक X यूजर ने लिखा, ‘सचमुच आज उस मां को उसकी मेहनत का फल मिल गया। वह बहुत भाग्यशाली है कि उसे ऐसा बेटा मिला।’एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, ‘बेटे ने बहुत अच्छी परवरिश की है और उस मां ने वाकई ऊंचे आदर्श स्थापित किए हैं, उसका दृढ़ संकल्प हम सब से कहीं अधिक मजबूत था!’

एक तीसरे यूजर ने प्रतिक्रिया दी, ‘ऐसी दुनिया में जहां प्यार शर्तों के साथ आता है और समय के साथ फीका पड़ जाता है, एक मां का प्यार अद्वितीय है, मौन, निस्वार्थ और अनंत। वह आपको उस तरह से प्यार करती है जिस तरह से दुनिया कभी नहीं कर सकती, इसलिए नहीं कि आप क्या बनते हैं, बल्कि इसलिए कि आप अस्तित्व में हैं। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि उसे भगवान कहा जाता है।