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भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर हमलों से आतंकी डर गए हैं। अब जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन खैबर पख्तूनख्वा में अपने नए ठिकाने बना रहे हैं।

भारतीय डिफेंस और मिलिट्री के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि आतंकी ग्रुप्स PoK को अब भारतीय हमलों के कारण असुरक्षित मानते हैं। इसलिए, अफगानिस्तान से सटे खैबर पख्तूनख्वा की पहाड़ी इलाके उनके लिए सुरक्षित ठिकाना बन गए हैं।

सूत्रों ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान की सरकारी संस्थाएं आतंकियों को PoK से खैबर शिफ्ट होने में मदद कर रही है। हाल ही में पाकिस्तान में कुछ जगहों पर पुलिस सुरक्षा में जैश-ए-मोहम्मद ने सभाएं भी की थीं, जिसे जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI) जैसे राजनीतिक-धार्मिक संगठनों का भी समर्थन था।

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसके तहत भारत ने बहावलपुर, मुरीदके, मुजफ्फराबाद सहित पाकिस्तान के 7 शहरों में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया था।

खैबर में भारत-पाकिस्तान मैच से जैश ने भर्ती अभियान चलाया 

सूत्रों ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम 14 सितंबर को खैबर पख्तूनख्वा के मनसेहरा जिले के गढ़ी हबीबुल्लाह कस्बे में हुआ। यहां जैश ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच शुरू होने से लगभग सात घंटे पहले ​​​​एक धार्मिक कार्यक्रम के नाम पर भर्ती अभियान चलाया।

यह कार्यक्रम खैबर और कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद के सीनियर कमांडर मोलाना मुफ्ती मसूद इलियास कश्मीरी उर्फ ​​अबू मोहम्मद की मौजूदगी में किया गया था। कार्यक्रम का नेतृत्व जैश-ए-मोहम्मद और जमात-उद-दावा ने किया था। इसमें इलियास कश्मीरी ने ओसामा बिन लादेन की तारीफ की थी।

इलियास भारत में हाई-वैल्यू टारगेट वांटेड आतंकियों में शामिल है। वह जैश-ए-मोहम्मद के फाउंडर मौलाना मसूद अजहर का करीबी है। कार्यक्रम में M4 राइफलों से लैस जैश के कैडर्स और पुलिस की सुरक्षा में इलियास की मौजूदगी, जैश-ए-मोहम्मद के प्रति पाकिस्तानी सरकार के समर्थन को दिखाती है।

जैश ने माना- ऑपरेशन सिंदूर में मसूद का परिवार मारा गया 

हाल ही में जैश-ए-मोहम्मद ने पहली बार यह भी माना कि उसके सरगना मौलाना मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हमले में मारे गए। जैश के कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह कहता है कि 7 मई को बहावलपुर में अजहर के परिवार के लोगों के टुकड़े-टुकड़े हो गए, उनका कीमा बन गया था।

बता दें कि बहावलपुर में हुए भारतीय हमले में मसूद के परिवार के 10 लोग मारे गए थे। इसके अलावा उसके 4 सहयोगियों की भी मौत हुई थी। मरने वालों में मसूद की बड़ी बहन और उसका पति, मसूद का भतीजा और उसकी पत्नी, मसूद की एक भतीजी और उसके पांच बच्चे थे। हमले के वक्त मसूद मौके पर नहीं था, इसलिए उसकी जान बच गई।

पाकिस्तानी आतंकी मसूद अजहर 2001 में भारत की संसद पर हमले और 2016 में पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड है। उसने 2005 में अयोध्या में राम जन्मभूमि और 2019 में पुलवामा में CRPF के जवानों पर भी हमला करवाया था। वह 2016 में उरी हमले और अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ में भारतीय कॉन्सुलेट पर अटैक का भी जिम्मेदार है।