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पटना: भारतीय रेलवे ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत यात्रियों के सफर को आरामदायक और तेज बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। पटना से दिल्ली के बीच बहुप्रतीक्षित स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस जून तक पटरी पर उतरने के लिए तैयार है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और झांसी यूनिट सहित कई कारखानों में इस सेमी हाईस्पीड ट्रेन के रैक का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। ये ट्रेन न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि अपनी आधुनिक स्लीपर सुविधाओं के कारण लंबी दूरी की यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल देगी। इसे पारंपरिक राजधानी एक्सप्रेस के एक प्रीमियम और हाई-टेक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

52 सेकेंड में 100 की स्पीड

स्लीपर वंदे भारत अपनी हाई स्पीड के लिए जानी जाएगी। इसकी अधिकतम रफ्तार 180 किमी प्रति घंटा होगी। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि स्लीपर वंदे भारत ट्रेन मात्र 52 सेकेंड में शून्य से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ने में सक्षम है। आधुनिक सस्पेंशन तकनीक और शोर कटौती (Noise Reduction) के कारण यात्री तेज गति के बावजूद शांतिपूर्ण नींद का आनंद ले सकेंगे।

ट्रेन में कुल 823 बर्थ होंगे

इस आधुनिक ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 823 बर्थ की क्षमता होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें थर्ड एसी के 11 कोच (611 बर्थ), सेकंड एसी के 4 कोच (188 बर्थ) और फर्स्ट एसी का एक विशेष कोच (24 बर्थ) शामिल होगा। इसके अलावा, यात्रियों को उनकी मांग के अनुसार स्थानीय और क्वालिटी फूड भी ट्रेन के भीतर ही उपलब्ध कराया जाएगा।

सुरक्षा के आधुनिक इंतजाम

सुरक्षा के लिहाज से ये ट्रेन ‘कवच’ (स्वदेशी एंटी-कोलिजन सिस्टम) से लैस होगी। इसमें स्वचालित दरवाजे, आपातकालीन टॉक-बैक सिस्टम और एर्गोनोमिक रूप से डिजाइन की गई बर्थ होंगी, जो लंबे सफर की थकान मिटाएंगी। स्वच्छता बनाए रखने के लिए ट्रेन में विशेष कीटाणुनाशक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। ड्राइवर कैब को भी उन्नत नियंत्रण प्रणालियों के साथ बेहद हाई-टेक बनाया गया है।