वॉशिंगटन: भारत विरोधी खालिस्तानी गुंडों ने अभी तक अमेरिका को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया था। लेकिन भारतीय मूल के काश पटेल जैसे ही FBI के डायरेक्टर बने, उन्होंने खालिस्तानियों पर डंडे चलाना शुरू कर दिया है। फेडरल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानि FBI के डायरेक्टर काश पटेल ने सोमवार (स्थानीय समय) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखते हुए कहा है कि हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने साफ साफ शब्दों में लिखा है कि अमेरिका की धरती पर अब भारत विरोधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि बब्बर खालसा इंटरनेशनल से रिश्ता रखने वाले हैप्पी पासिया की गिरफ्तारी के बाद “न्याय किया जाएगा”, जो पंजाब में कई आतंकवादी हमलों से जुड़ा हुआ है।
काश पटेल ने एफबीआई टीम की तारीफ करते हुए लिखा है कि "एफबीआई सैक्रामेंटो ने भारतीय अधिकारियों के सहयोग से जांच टीम का नेतृत्व किया था।" काश पटेल ने लिखा है कि "गिरफ्तार। हरप्रीत सिंह, अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे एक कथित विदेशी आतंकवादी गिरोह का हिस्सा है, जिसके बारे में हमारा मानना है कि वह भारत और अमेरिका दोनों जगहों पर पुलिस स्टेशनों पर कई हमलों की योजना बनाने में शामिल था।"
काश पटेल ने आगे लिखा है कि "एफबीआई सैक्रामेंटो ने स्थानीय और भारत में अपने सहयोगियों के साथ कॉर्डिनेशन करते हुए इसकी जांच की। सभी ने बेहतरीन काम किया और अब इंसाफ होगा।" इसके अलावा उन्होंने भारत विरोधियों को खबरदार करते हुए लिखा है कि "एफबीआई हिंसा करने वालों को ढूंढना जारी रखेगी, चाहे वे कहीं भी हों।" आपको बता दें कि पूर्ववर्ती बाइडेन प्रशासन के दौरान खालिस्तानी आतंकवादियों ने अमेरिका को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया था। वो लगातार भारतीय काउंसलेट और हिंदू मंदिरों पर हमले कर रहे थे। लेकिन ट्रंप प्रशासन के आने, खासकर काश पटेल, जो गुजराती मूल के हैं, उनके आने के बाद खालिस्तानियों में दहशत फैल गई है। तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण के बाद रिपोर्ट्स में यहां तक दावा किया गया है कि खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नून भी अमेरिका छोड़कर कनाडा भाग गया है। पन्नून को डर है कि उसे भी गिरफ्तार कर भारत के हवाले किया जा सकता है।



