नई दिल्लीः Nvidia के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर भारत को दुनिया के बराबर आना है तो AI पर होने वाला खर्च कई गुना बढ़ाना होगा। अभी देश में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 1.2 अरब डॉलर का निवेश हो रहा है, लेकिन यह काफी नहीं है। कंपनी के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट शंकर त्रिवेदी (बिजनेस) ने AI समिट में कहा कि भारत में करीब 2,000 बड़ी विदेशी कंपनियों में से 1,800 के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हैं। इन सेंटरों में अभी 20 लाख से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं और यह संख्या जल्द ही 30 लाख तक पहुंच सकती है।
उनका कहना है कि हर ऐसे सेंटर को अपनी लोकल AI फैक्ट्री बनानी होगी, जहां वे अपने डेटा और कामकाज को AI के जरिए ज्यादा स्मार्ट बना सकें। उन्होंने बजट 2026-27 में घोषित 20 साल के टैक्स हॉलिडे को बड़ा मौका बताया। सरकार ने बजट में कहा है कि अगर कोई विदेशी कंपनी भारत में डेटा सेंटर लगाए या यहां की डेटा सेंटर सेवाएं खरीदे, तो उसे 2047 तक टैक्स में राहत मिलेगी।
NPCI ने किया Nvidia के साथ करार
त्रिवेदी ने कहा कि भारत में हर साल सड़कों, रेलवे, एयरपोर्ट, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं पर करीब 150 अरब डॉलर खर्च होते हैं। लेकिन AI के लिए सिर्फ 1.2 अरब डॉलर खर्च करना बहुत कम है। अगर भारत को AI के क्षेत्र में दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनानी है, चाहे मैन्युफैक्चरिंग हो या सेवाएं, तो निवेश बढ़ाना जरूरी है।नैशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने भारत के पेमेंट सिस्टम के लिए स्पेशल तौर पर अपने ऑटोनोमस AI मॉडल की क्षमता को बढ़ाने के लिए Nvidia के साथ बुधवार को करार किया। कंपनी ने कहा कि यह पहल बड़े पैमाने पर रियल टाइम में पेमेंट से जुड़ी जरूरतों को पूरा करेगी। कंपनी के CTO ने कहा कि हमारा लक्ष्य AI क्षमताओं को आगे बढ़ाना है।



