रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम ने नौ साल की बच्ची से बलात्कार के आरोपी व्यक्ति के घर को बुधवार को बुलडोजर से गिरा दिया। यह कार्रवाई भारी सुरक्षा के बीच की गई है। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन और स्थानीय वार्ड कार्यालय की टीमें मौके पर मौजूद थीं।
सरकारी जमीन पर था अवैध अतिक्रमण
उन्होंने बताया कि नगर निगम ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का हवाला देते हुए राजा तालाब के पास झंडा चौक पर आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी (55) के अवैध निर्माण को गिरा दिया। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में अवैध अतिक्रमण की शिकायतें पहले भी मिली थीं। इसके साथ ही आरोपी को संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जमा करने और अतिक्रमण हटाने के लिए तीन नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि, नोटिस के बावजूद न तो जगह खाली की गई और न ही सामान हटाया गया। नतीजतन, तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई।
रायपुर मेयर के निर्देश पर कार्रवाई
एक बयान में नगर निगम ने कहा कि रायपुर की महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर, बच्ची से बलात्कार के मामले में आरोपी अंसारी की सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण को गिरा दिया गया। बयान के मुताबिक नगर निगम ने नियमों के अनुसार नोटिस जारी करने के बाद उसी जगह पर याकूब खान और मुनव्वर खान की सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को भी गिरा दिया।
तीन घरों को तोड़ा गया
बयान में कहा गया है कि कुल मिलाकर, लगभग सात सौ वर्ग फुट अतिक्रमित जमीन पर बने तीन घरों को गिरा दिया गया और सरकारी जमीन वापस ले ली गई। महापौर मीनल चौबे ने फेसबुक पर तोड़फोड़ की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि रायपुर नगर निगम ने उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की है जिसने ‘एक छोटी बच्ची का बचपन छीन लिया’।
इलाके में चलाता था छोटी सी दुकान
पुलिस ने बताया कि अंसारी को 11 जनवरी को नाबालिग के साथ कई बार यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी उस इलाके में एक छोटी सी दुकान चलाता था, जहां वह चूड़ियां, स्नैक्स और मिठाइयां बेचता था। कथित तौर पर इस महीने की शुरुआत में बच्ची को ऐसी चीजों का लालच देकर बार-बार अपने घर ले जाता था और उसके साथ यौन उत्पीड़न करता था।
कांग्रेस ने घेरा
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने इस तोड़फोड़ की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि बलात्कार के आरोपी का घर गिराना सरकार की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अक्षमता का प्रतीक है और यह गैर-संवैधानिक उपायों पर उसकी निर्भरता को दर्शाता है। शुक्ला ने आरोप लगाया कि जब से भारतीय जनता पार्टी राज्य में सत्ता में आई है, कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है और सरकार आपराधिक घटनाओं को रोकने में नाकाम रही है।



