भोपाल। भोपाल शहर में राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और पात्र हितग्राहियों को ही खाद्यान्न मिले, इसके लिए सूची का शुद्धिकरण किया जा रहा है। इसके पहले चरण में शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने करीब छह लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले करीब 10 हजार परिवारों के नाम पात्रता सूची से हटाए हैं। इस कार्रवाई से लगभग 50 हजार लोग प्रभावित हुए हैं, यह काम करीब एक महीने से जारी था।
इससे पहले इन परिवारों को खाद्य विभाग द्वारा नोटिस जारी किए गए थे, जिससे वह अपना पक्ष रख सकें। हालांकि पक्ष नहीं आने के बाद उनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं। बता दें कि जिले में करीब 502 राशन दुकानें संचालित हो रही हैं। इन दुकानों में करीब 3.47 लाख परिवारों को खाद्यान्न दिया जाता है।
ऐसे चली पूरी प्रक्रिया
सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद परिवारों को ही मिलना चाहिए। जांच में पाया गया कि कई परिवार आय सीमा से अधिक होने के बावजूद गरीबी रेखा के तहत मिलने वाले राशन का लाभ ले रहे थे। ऐसे मामलों को चिह्नित कर पहले संबंधित परिवारों को नोटिस जारी किए गए थे और आय संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया।
संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके नाम सूची से हटा दिए गए। खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही की नीति के तहत की गई है। जिन परिवारों की आय निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई, उन्हें अपात्र घोषित किया गया।



