नई दिल्ली: आप हवाई जहाज (Flight) से यात्रा करते हैं तो आपके लिए महत्वपूर्ण खबर। देश के एविएशन रेगुलेटर DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशक) ने टिकट बुक करने से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया है। अब आपको टिकट (Flight Ticket) बुक करते समय ही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी (E-mail id) देना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा इसलिए, ताकि एयरलाइंस को यात्रियों से संपर्क करना हो तो वह आसानी से हो जाए।
क्यों हुआ यह फैसला
आपको याद होगा कि हाल ही (दिसंबर 2025) में IndiGo एयरलाइन द्वारा लगभग 4,500 उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। ऐसा पायलटों के ड्यूटी नियमों में बदलाव और खराब प्रबंधन के कारण हुआ था। DGCA ने कहा है कि उस दौरान उन्होंने देखा है कि जब फ्लाइट्स कैंसिल हुईं, तो ढेरों यात्रियों को समय पर जानकारी नहीं मिल पाई। जानकारी के अभाव में वे सामान लेकर एयरपोर्ट पहुंच गए। वहां पता चला कि फ्लाइट तो कैंसिल (Flight Cancelled) है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एयरलाइंस के रिकॉर्ड में उनका मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी नहीं था। इसी वजह से, टिकट कैंसिल होने के बाद पैसे वापस करने और मुआवजा देने की प्रक्रिया में भी देरी हुई।
क्यों उठाया गया यह कदम
DGCA का कहना है कि हवाई यात्रियों से सीधे और प्रभावी ढंग से संपर्क बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे टिकट कैंसिल होने पर यात्रियों को जल्दी से रिफंड और मुआवजा मिल सकेगा। इसलिए, DGCA ने सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि जब भी कोई यात्री टिकट बुक करे, चाहे वह खुद करे या किसी ट्रेवल एजेंट या किसी और के ज़रिए, उसे अपना सही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी देना होगा। DGCA ने यह भी साफ कर दिया है कि सभी एयरलाइंस, ट्रेवल एजेंट, ऑनलाइन ट्रेवल पोर्टल और टिकट बुक करने वाली दूसरी कंपनियों को इस निर्देश का सख्ती से पालन करना होगा। वे यात्रियों की जगह अपने या किसी बिचौलिए के कांटेक्ट नंबर नहीं दे सकते। DGCA ने कहा कि यह उनके ध्यान में आया है कि कुछ मामलों में, टिकट बुकिंग में यात्री की जानकारी की जगह ट्रेवल एजेंट या बिचौलिए का कांटेक्ट नंबर दिया गया था। इससे गलतफहमी हुई और यात्रियों तक ज़रूरी उड़ान की जानकारी नहीं पहुंच पाई।
समय-समय पर जांच होगी
इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए, DGCA ने एयरलाइंस से कहा है कि वे ट्रेवल एजेंटों और बिचौलियों को इस बारे में जागरूक करें। साथ ही, वे समय-समय पर जांच भी करें कि बुकिंग के समय यात्रियों की संपर्क जानकारी सही ढंग से दर्ज की जा रही है या नहीं। एयरलाइंस को यह भी सलाह दी गई है कि वे ट्रेवल एजेंटों के साथ अपने समझौतों में इन निर्देशों को शामिल करें।
इंडिगो की खूब मिली थी शिकायत
दिसंबर 2025 में IndiGo ने थोक भाव में फ्लाइट कैंसिल की थी और पूरा देश एक तरह से थम गया था, तब नियामक को यात्रियों से कुल 26,999 शिकायतें मिली थीं। यह जानकारी एयरलाइन ने DGCA को ट्रैफिक डेटा जमा करते हुए दी थी। उस महीने IndiGo की उड़ानें रद्द होने से करीब 9.82 लाख यात्री प्रभावित हुए थे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, IndiGo ने दिसंबर 2025 में यात्रियों को रिफंड, वैकल्पिक उड़ानें और अन्य सुविधाओं पर करीब 22.7 करोड़ रुपये खर्च किए थे। हालांकि, एयरलाइन ने यह बताने से इनकार कर दिया है कि कितने यात्रियों को मुआवजा मिलना था और कितने को मिल चुका है। लेकिन, दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एयरलाइन को यह जानकारी देने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को होनी है।



