जयपुर: भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ का दर्द एक बार फिर छलक पड़ा। रविवार को बीजेपी नेता सतीश पूनिया की पुस्तक के विमोचन के अवसर पर दिए गए अपने संबोधन में राठौड़ ने कहा कि राजनीति सांप-सीढ़ी का खेल है और इस खेल में उन्हें और सतीश पूनिया को सांप ने डस लिया। राठौड़ के इस व्यक्तव्य पर बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी तंज कस दिया। राठौड़ ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया पर भी डसने की टिप्पणी कर दी। कांग्रेस नेता टीकाराम जूली भी कमेंट करने से पीछे नहीं रहे।
जानिए क्यों छलका राठौड़ का दर्द
राजेंद्र राठौड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। वे लगातार सात बार विधायक रह चुके हैं लेकिन गत विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। राठौड़ पहली बार वर्ष 1990 में वे जनता दल के टिकट पर विधायक बने थे। बाद में लगातार छह बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते। छह बार चूरू और एक बार तारानगर से विधायक रहे। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र राठौड़ हार गए। बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया भी आमेर सीट से वर्ष 2023 का विधानसभा चुनाव हार गए थे। राठौड़ और पूनिया दोनों मुख्यमंत्री के दावेदार थे लेकिन विधानसभा चुनाव हारने पर वे इस दौड़ से बाहर हो गए। इसलिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष का दर्द बार-बार छलक पड़ता है।
प्रदेशाध्यक्ष ने हंसते हुए कह दी बड़ी बात
राजेंद्र राठौड़ की ओर से खुद को और पूनिया को सांप द्वारा डसने की बात कहने पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी हंसते हुए बड़ी बात कह दी। मदन राठौड़ ने कहा कि राजनीति के सांप-सीढ़ी वाले खेल में आप लोग मुझे कैसे भूल गए। मुझे भी शायद आप दोनों (राजेंद्र राठौड़ और सतीश पूनिया) ने ही डसा होगा। उन्होंने कहा कि वे 2003 में विधायक बने थे लेकिन 2008 के चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया गया। शायद आपने (राजेंद्र राठौड़) ही मुझे डसा होगा। वर्ष 2013 के चुनाव में पार्टी के टिकट पर फिर से विधायक बना लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में सतीश पूनिया जी ने डस दिया होगा क्योंकि फिर से मेरा टिकट काट दिया गया था। मदन राठौड़ ने कहा कि राजनीति में यह खेल कोई नया नहीं है। चलता रहता है लेकिन कांग्रेस के टीकाराम जूली अभी तक इस सांप से बचे हुए हैं।



