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भोपाल। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गुरुवार से समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन प्रारंभ हो गया। पहले दिन 45 केंद्रों पर 1,616 क्विंटल गेहूं खरीदा गया।

15 अप्रैल से पूरे प्रदेश में खरीदी शुरू हो जाएगी। उधर, गेहूं की सरकारी खरीदी में विलंब, अल्पकालीन कृषि ऋण की अदायगी की अंतिम तिथि न बढ़ाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपा।

उपार्जन का लक्ष्य और किसानों की स्लाट बुकिंग

खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए 78 लाख टन का लक्ष्य प्रदेश को मिला है। इसमें वृद्धि का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। अभी तक 97 हजार 474 किसानों ने 4,46,582 टन गेहूं बेचने के लिए स्लाट बुक कराए हैं। प्रदेश के चार संभागों में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि बाकी संभागों में 15 अप्रैल से उपार्जन कार्य शुरू होगा।

कांग्रेस का जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन

उधर, कांग्रेस ने सभी जिला मुख्यालयों में किसानों की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। सागर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और सीहोर में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पहुंचे। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के उपार्जन करने में विलंब के कारण छोटे किसानों ने मजबूरी में अपनी उपज बेच दी। बिचौलियों ने अवसर का लाभ उठाकर मुनाफा कमाया।

किसान कल्याण और कर्ज अदायगी का मुद्दा

विपक्ष ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में सरकार कृषक कल्याण वर्ष मना रही है, लेकिन उसकी नीति के कारण ही लाखों किसान डिफाल्टर हो गए। बार-बार कर्ज चुकाने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग उठती रही, पर इसे अनसुना किया गया। कांग्रेस ने मांग की है कि किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ऋण अदायगी की तिथि बढ़ाई जाए और उपार्जन प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।