गाजियाबाद: इंदिरापुरम और कौशांबी में तीन हुक्का बार पर रेड कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। घटना के बाद डीसीपी निमिष पाटिल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो चौकी इंचार्ज समेत पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। इनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए। इस मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि खुद डीसीपी सिविल ड्रेस में बिना सुरक्षा कर्मियों के निजी गाड़ी से हुक्का बार में पहुंचे। वहां का जायजा लेने के बाद उन्होंने कार्रवाई की।
असल में डीसीपी को गोपनीय रिपोर्ट से पता चला था कि ये हुक्का बार काफी समय से चल रहे थे। इसके चलते उन क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे और उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया।
इन पर हुई कार्रवाई
डीसीपी ट्रांस हिडन निमिष पाटिल ने दो चौकी इंचार्ज भुवन चंद्र शर्मा और अभय खंड हर्ष मणि तिवारी को लाइन हाजिर कर दिया। इंदिरापुरम थाने में तैनात एसआई जितेंद्र सिंह, हवलदार रोहित खोखर और सिपाही सुशील कुमार को भी लाइन हाजिर किया गया। डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियो की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सादी वर्दी में पहुंचे डीसीपी
असल में हुक्का बार की लगातार शिकायते हो रही थीं। लेकिन इसके बाद भी जब हुक्का बार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तब डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन निमिष पाटील अकेले ही इसकी जांच पर निकले थे। संडे सुबह डीसीपी सादी वर्दी में बिना सिक्यॉरिटी के प्राइवेट गाड़ी से तीनों बार में पहुंचे।
कुछ देर हुक्का बार का संचालन देखने के बाद जब वह बाहर आए तो उन्होंने संबंधित चौकी के पुलिसकर्मियों को भी वहीं खड़ा देखा। लेकिन डीसीपी ने उनसे कुछ नहीं कहा और बाद में थाना प्रभारियों से पूछताछ की। इसके बाद अफरा तफरी मची और थाना पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे हुक्का बार पर छापा मारा और गिरफ्तारी की कार्रवाई की।



