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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम में आजकल भले ही आपको तेज गेंदबाजों की लंबी कतार दिखाई देती है, लेकिन 1980-90 के दशक में ऐसा नहीं होता था। तब गिनती के तेज गेंदबाज होते थे, जिनमें चेतन शर्मा के नाम से हर कोई वाकिफ है। आज ही के दिन यानी 3 जनवरी, 1966 को जन्मे चेतन महज 5 फुट 8 इंच की हाइट के बावजूद बेहद तेज गेंदबाजी करने के लिए मशहूर रहे और उन्हें ‘पॉकेट साइज डायनुमो’ कहा जाता था। वह गेंदबाजी भी इसी अंदाज में करते थे। महज 17 साल की उम्र में टीम इंडिया में जगह बनाने वाले चेतन शर्मा की गेंदबाजी कितनी जबरदस्त थी, इसका अंदाजा उनके एक रिकॉर्ड से लगा सकते हैं। इंग्लैंड में उनका टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड 39 साल तक कोई भारतीय गेंदबाज नहीं तोड़ पाया। साल 2025 के इंग्लैंड दौरे पर आकाशदीप सिंह (Akashdeep Singh) उनके इस रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले गेंदबाज बने थे। चेतन के नाम पर टीम इंडिया की पहली वनडे हैट्रिक से लेकर वनडे में बल्लेबाज के तौर पर शतक ठोकने तक का कारनामा दर्ज है। ये चेतन का दुर्भाग्य ही कह सकते हैं कि इन खूबियों के बजाय उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ जावेद मियांदाद के हाथों आखिरी गेंद पर छक्का खाने के लिए याद किया जाता है।

एक ही गुरु के चेले रहे कपिल, योगराज और चेतन

चेतन शर्मा का जन्म पंजाब के लुधियाना में हुआ था, लेकिन उनकी क्रिकेट चंडीगढ़ में परवान चढ़ी थी। सेक्टर-16 स्टेडियम में मशहूर कोच देशप्रेम आजाद ने चेतन की कम हाइट के बावजूद उनकी तेज गेंदबाजी के हुनर को पहचाना और निखारा था। देशप्रेम आजाद ने ही कपिल देव और युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह को कोचिंग दी थी। चेतन शर्मा 1983 वर्ल्ड कप जीत के हीरो बल्लेबाज यशपाल शर्मा के भतीजे थे। हालांकि दोनों चाचा-भतीजे ने एकसाथ टीम इंडिया के लिए दो ही वनडे मैच खेले थे। ये दोनों मैच इंग्लैंड के खिलाफ 1984-85 में खेले गए थे, जिसमें यशपाल ने चेतन की गेंद पर कैच भी लपका था।

महज 17 साल की उम्र में किया इंटरनेशनल डेब्यू

चेतन शर्मा को महज 16 साल की उम्र में हरियाणा ने रणजी ट्रॉफी टीम में मौका दिया था। चेतन को महज 17 साल की उम्र में साल 1983 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहला वनडे खेलने का मौका मिला। वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र खिलाड़ियों में से एक हैं। इसके एक साल बाद उन्होंने 18 साल की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच लाहौर में खेला था।

टेस्ट मैच के डेब्यू ओवर में ही लिया विकेट

चेतन शर्मा उन गेंदबाजों में शामिल हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने डेब्यू ओवर में विकेट लिया था। चेतन शर्मा ने लाहौर टेस्ट-1984 में अपने पहले ओवर की 5वीं गेंद पर पाकिस्तानी ओपनर मोहसिन खान को आउट करके यह कारनामा किया था। ऐसा करने वाले वे महज तीसरे भारतीय गेंदबाज बने थे।