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गरियाबंद। पुलिस के बढ़ते दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर दो महिला नक्सली अनीता व सुजाता तथा दो पुरुष नक्सली दीपक व कैलाश ने अपने हथियार डालकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

ये सभी नक्सली लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे और कई बड़ी नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं।

आत्मसमर्पण करते हुए उन्होंने कहा कि अब वे शांति और विकास की राह पर चलना चाहते हैं।आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि चारों नक्सलियों को सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

वहीं आईजी अंकित गर्ग ने इसे नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका बताया और कहा कि आगे भी यह अभियान और तेज़ी से जारी रहेगा।यह आत्मसमर्पण गरियाबंद पुलिस एवं सुरक्षा बलों की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।