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सुकमा। कृषि विज्ञान केन्द्र, सुकमा द्वारा आईसीएआर, अटारी जबलपुर से वित्त पोषित तिलहन समूह अग्रिम पंक्ति फसल प्रदर्शन अंतर्गत जिले के तीनों विकासखंडों के 11 ग्रामों में किसान प्रशिक्षण एवं बीज सह आदान वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में तिल उत्पादक किसानों को उन्नत किस्म ‘उन्नत रामा’ बीज, पी.एस.बी. एवं एजोस्पिरिलम कल्चर वितरित किए गए। इस वर्ष सुकमा जिले में 198 हेक्टेयर (495 एकड़) में तिल की खेती का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खेत की तैयारी, बीज उपचार, कतार बोनी, खाद प्रबंधन तथा कीट-रोग नियंत्रण की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी। जिले के कृषि विभाग के अधिकारियों का भी इसमें सहयोग रहा। तिल को केवल नकदी फसल ही नहीं, बल्कि पोषण और स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण स्रोत बताया गया। कार्यक्रम से किसानों की आय वृद्धि और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।