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नई दिल्ली: चीन की इकॉनमी के लिए अच्छी खबर नहीं है। यूरोप की इकॉनमी चीन से आगे निकल गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक चीन की जीडीपी $19.23 ट्रिलियन है जबकि यूरोप की जीडीपी $19.99 ट्रिलियन पहुंच गई है। ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के बाद यह पहला मौका है जब चीन की इकॉनमी यूरोप से पिछड़ी है। हालांकि चीन अब भी अमेरिका के बाद दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी बना हुआ है। पिछले साढ़े तीन दशक में चीन ने बड़ी उन्नति की है। 1990 में ग्लोबल इकॉनमी में उसकी हिस्सेदारी 1.8% थी जो अब 19.8% पहुंच चुकी है।

यूरोपीय संघ में जर्मनी की $4.3 ट्रिलियन इकॉनमी सबसे बड़ी है। उसके बाद फ्रांस ($3.1 ट्रिलियन), इटली ($2.1 ट्रिलियन), स्पेन ($1.6 ट्रिलियन) और नीदरलैंड ($1.1 ट्रिलियन) का नंबर है। स्वीडन ($700 ट्रिलियन), पोलैंड ($700 ट्रिलियन), बेल्जियम ($650 ट्रिलियन), ऑस्ट्रिया ($500 ट्रिलियन), आयरलैंड ($500 ट्रिलियन), डेनमार्क ($430 ट्रिलियन), फिनलैंड ($350 ट्रिलियन), चेक गणराज्य ($350 ट्रिलियन), पुर्तगाल ($300 ट्रिलियन), ग्रीस ($250 ट्रिलियन), हंगरी ($230 ट्रिलियन), रोमानिया ($250 ट्रिलियन), स्लोवेनिया ($150 ट्रिलियन), क्रोएशिया ($80 ट्रिलियन) और बुल्गारिया ($90 ट्रिलियन) भी ईयू में शामिल हैं।