सुकमा। छत्तीसगढ़ के प्रथम नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बड़े सेट्टी ने एक नई मिसाल कायम की। यहाँ कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में आयोजित ग्रामसभा में पंचायत प्रतिनिधियों, जिला पंचायत पदाधिकारियों और पिरामल फाउंडेशन के सदस्यों ने मिलकर ग्रामीणों से महिला एवं बाल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर शिविर आयोजित की।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना के तहत सेक्टर फूलबगड़ी के बीएमओ डॉ. भीमा बारसे द्वारा बड़े सेट्टी में 19 कुपोषित बच्चों की जांच की गई। स्वास्थ्य सेवाओं की इस पहल को लेकर ग्रामीणों ने संतोष और उत्साह व्यक्त किया।
इसके साथ ही महतारी मेगा हेल्थ कैंप और बाल संदर्भ शिविर का आयोजन भी पंचायत में हुआ। इसमें आसपास के गांवों से आईं महिलाओं, किशोरी बालिकाओं और बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा दवाइयों का वितरण हुआ। इस अवसर पर 77 महिलाओं की स्वास्थ्य जांच इस अवसर पर की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता पर भी जोर दिया गया। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बालिकाओं और माताओं को “गुड टच, बैड टच”, चाइल्ड हेल्पलाइन और महिला हेल्पलाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
नक्सल सदस्य मुक्त पंचायत बड़े सेट्टी पंचायत की यह पहल स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में ग्रामीणों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीण और अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।