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गरियाबंद। जिले के प्रभारी सचिव  हिमशिखर गुप्ता ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले में स्वापक औषधि मनः प्रभावी पदार्थाे या नशीली पदार्थाे के प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक ली। उन्होंने बैठक में कलेक्टर  बी.एस. उइके एवं एसपी  निखिल राखेचा की मौजूदगी में जिले में नशीली पदार्थाे के प्रभावी नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर रोकथाम की लगातार कार्यवाही करने के निर्देश दिये। साथ ही जिले में सक्रियता के साथ नशीली दवाईयों के रोकथाम के लिए कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने पूर्व के बैठकों में दिये गये निर्देशों के तहत की गई कार्यवाही की भी समीक्षा की। साथ ही आगे भी लगातार कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने सीमा पार नशीली दवाईयों के आवागमन में रोक लगाने, लगातार चेकिंग करने के निर्देश दिये। साथ ही अवैध शराब पर भी लगातार कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने स्पर्श क्लिनिक की माध्यम से नशे की लत से पीड़ित मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श एवं उपचार दिलाने के निर्देश दिये। साथ ही नशामुक्ति के लिए जारी टोलफ्री नम्बर 14446 एवं अवेध मादक पदार्थ की रिर्पाेटिंग के लिए जारी मानस टोलफ्री एंटी नार्काेटिक्स हेल्पलाईन नम्बर 1933 के बारे में लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को उपरोक्त दोनों नम्बरों को सभी गांवों में दीवाल राईटिंग करवाने एवं आवश्यक मुनादी भी करवाने के भी निर्देश दिये। श्री गुप्ता ने स्कूलों के आसपास नशीली एवं मादक पदार्थों के बिक्री पर नजर रखते हुए तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिये। साथ ही इसका व्यापक प्रचार भी करने के निर्देश दिये। इस दौरान बैठक में वन मण्डलाधिकारी  लक्ष्मण सिंह, अपर कलेक्टर  अरविंद पाण्डेय,  नवीन भगत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  जितेन्द्र चन्द्राकर, सहायक ड्रग कन्ट्रोलर  संजय राजपूत सहित समन्वय समिति के सदस्यगण शामिल हुए।

प्रभारी सचिव ने बैठक में कहा कि चेकपोस्ट, बैरियरों के द्वारा सघन निगरानी कर संदिग्ध वाहनों की लगातार जांच की जाए। जिले में नशीली पदार्थों के रोकथाम के लिए लगातार व्यापक अभियान चलाएं जाए। बैठक में कलेक्टर श्री उइके ने जिले में नशीली पदार्थों के बारे में जागरूकता लाने एवं रोकथाम के लिए की जा रही कार्यवाईयों के बारे में प्रभारी सचिव को अवगत कराया। साथ ही लोगों को इसके दुरुपयोग से दूर रहने के लिए आवश्यक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने औषधि विभाग के अधिकारियों को दवाईयों का औचक निरीक्षण कर नशीली दवाईयों के स्टॉक, एन्ट्री एवं बिक्री आदि की भी जानकारी लेने के निर्देश दिये। प्रभारी सचिव ने कोरियर के माध्यम से होने वाले नशीली दवाईयों के डिलीवरी पर भी सघन निगरानी करने के निर्देश दिये। प्रभारी सचिव ने स्कूल, कॉलेज के 100 मीटर के दायरें में तंबाकू युक्त एवं नशीली पदार्थाे की बिक्री पर कोटपा अधिनियम के तहत सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग को भी नशे के विरूद्ध जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिये।