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गुवाहाटी: असम में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में अब असम कांग्रेस में खुली बगावत देखने को मिल रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सहयोगी दलों को प्रमुख विधानसभा सीटें देने की योजना का विरोध किया। इस वजह से अब असम चुनाव से पहले विपक्ष की सीट-बंटवारे की बातचीत में तनाव और बढ़ गया है।

गौरव गोगोई का सर्किट हाउस में घेराव

गुवाहाटी से करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गोलाघाट जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य पार्टी प्रेसिडेंट गौरव गोगोई का सर्किट हाउस में घेराव कर लिया। उन्होंने सरूपथार विधानसभा सीट को असम जातीय परिषद (एजेपी) को देने का कड़ा विरोध किया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि क्षेत्रीय पार्टी के पास वहां ऑर्गेनाइजेशनल ताकत की कमी है। उन्होंने अपनी बात मनवाने के लिए आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी।

‘बात नहीं मानी तो सिर मुंडवा लेंगे’

एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और किसी भी कीमत पर सरूपथार सीट एजेपी को नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि अगर सीट दी जाती है, तो हजारों कार्यकर्ता अपना सिर मुंडवा लेंगे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गौरव गोगोई ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि अभी कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है।

जानिए पिछले चुनाव में कैसा रहा था प्रदर्शन

बता दें कि 2021 असम विधानसभा चुनाव में सरूपथार सीट पर बीजेपी के बिस्वजीत फुकन ने जीत दर्ज की थी। जानिए किस कैंडिडेट को कितना वोट मिला था-

  • बीजेपी के बिस्वजीत फुकन- 1,07,090 वोट
  • कांग्रेस के रोजेलिना तिर्की- 67,731 वोट
  • एजेपी के राजू फुकन- 27,656 वोट

बिन्नाकांडी और खोवांग सीट देने का भी विरोध

सरूपथार सीट के अलावा कछार जिले में नई बनी बिन्नाकांडी विधानसभा सीट और डिब्रूगढ़ जिले में खोवांग सीट को किसी और पार्टी को देने के प्रस्तावों का भी विरोध हुआ है। सेंट्रल असम के दरांग जिले के दलगांव विधानसभा क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं ने गौरव गोगोई के गुवाहाटी स्थित घर के बाहर प्रदर्शन किया, क्योंकि ऐसी खबरें थीं कि यह सीट रायजोर दल को मिल सकती है।