नई दिल्ली, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने के दावे को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तंज कसा है। ट्रम्प ने बुधवार को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध को रुकवाया था। कांग्रेस ने कहा कि यह ट्रम्प का 71वां दावा है।
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रम्प के बयान का वीडियो शेयर किया। जिसके साथ लिखा ‘कल तक गिनती 70 थी और आज यह 71 हो गई है। यह याद रखना चाहिए कि दावोस में भारत का एक बड़ा भारतीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद है।’
डोनाल्ड ट्रम्प ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कहा कि उन्होंने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोका था। दोनों देश न्यूक्लियर युद्ध के करीब पहुंच गए थे। हमने लाखों लोगों की जान बचाई।
ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में भी दावा किया था
इससे पहले बुधवार सुबह वॉशिंगटन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि अपने दूसरे कार्यकाल के पहले साल में उन्होंने कई ‘ना सुलझने वाले युद्ध’ खत्म किए। जिनमें भारत-पाक युद्ध भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान वास्तव में एक-दूसरे से लड़ रहे थे। मेरी राय में वे न्यूक्लियर युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। ट्रम्प ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि भारत-पाक संघर्ष में 10 से 20 मिलियन लोगों की जान जा सकती थी और उन्होंने इसे रोककर ‘लाखों लोगों की जान बचाई।
जयराम रमेश बोले- पीएम मोदी के ‘अच्छे दोस्त’ का दावा
इस दावे के बाद भी जयराम रमेस ने एक पोस्ट किया था, जिसमें ट्रम्प का वीडयो शेयर करते हुए लिखा था कि परसों तक गिनती 68 थी, लेकिन कल ही यह संख्या 69 तक नहीं बल्कि 70 तक पहुंच गई। एक बार उनके व्हाइट हाउस प्रेस कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन भाषण में और बाद में सवाल-जवाब के दौरान।
उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री के ‘अच्छे दोस्त’ और उनको कई बार जबरन गले लगाने वाले, कितनी बार यह घोषित कर चुके हैं कि 10 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के अचानक और अप्रत्याशित रुकने के लिए वे जिम्मेदार थे।
चीन ने भी भारत-पाक युद्ध रुकवाने का दावा किया था
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भी 30 दिंसबर 2025 को बीजिंग में आयोजित एक कार्यक्रम में दावा किया था कि चीन ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए सैन्य तनाव को कम कराने में भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा था कि चीन दुनिया के कई संघर्षों को सुलझाने में मदद करता रहा है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर शेयर किया। भारत सरकार ने चीन के इस दावे को खारिज किया था। भारत ने कहा था कि संघर्ष को रुकवाने में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं है।
भारत पहले भी तीसरे पक्ष की भूमिका नकार चुका है
चीन और ट्रम्प के दावों के उलट भारत सरकार पहले भी साफ तौर पर कह चुकी है कि इस पूरे मामले में किसी भी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी। भारत का कहना है कि यह तनाव सीधे भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच बातचीत से ही खत्म हुआ।
भारत के मुताबिक, भारी नुकसान होने के बाद पाकिस्तान के सैन्य अधिकारी ने भारतीय सैन्य अधिकारी से संपर्क किया था। भारत का कहना है कि पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस ने भारतीय DGMO से बात की और इसके बाद दोनों देशों ने 10 मई से जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।
अब ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पढ़ें..
भारत ने पाकिस्तान पर हमले की शुरुआत 6 और 7 मई की रात से की। भारत ने पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया था। इन ठिकानों में पाकिस्तान के पंजाब राज्य के बहावलपुर और मुरीदके जैसे इलाके भी शामिल थे।
इसके जवाब में 8 मई की शाम को पाकिस्तान ने भारत के एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला करने की कोशिश की। उसने तुर्किये और चीन के ड्रोन का इस्तेमाल किया, लेकिन इसमें उसे कामयाबी नहीं मिली।
भारत की वायु रक्षा पूरी तरह से एक्टिव थी और छोटे हथियारों से लेकर बड़े एयर डिफेंस सिस्टम तक हर हथियार तैयार था। इन हथियारों ने पाकिस्तान के ड्रोन को काफी नुकसान पहुंचाया।
भारतीय सेना ने भी सीमा के दूसरी तरफ भारी तोपों और रॉकेट लॉन्चरों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान की सेना को बुरी तरह से उलझा कर रखा और उसे बड़ा नुकसान पहुंचाया।



