भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में बीते कुछ दिनों से गर्माया दतिया विधानसभा सीट का सियासी पारा अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। बैंक धोखाधड़ी के 27 वर्ष पुराने मामले में तीन वर्ष की सजा और उसके बाद अपनी विधानसभा की सदस्यता समाप्त किए जाने को कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर करके चुनौती दी है।
अब हाईकोर्ट पर टिकी हैं निगाहें
उनकी याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होनी है। राजेंद्र भारती को उम्मीद है कि यदि हाई कोर्ट सजा पर रोक लगा देता है, तो उनकी विधायकी बहाल होने का रास्ता साफ हो सकता है, लेकिन यदि हाई कोर्ट से राजेंद्र भारती को तत्काल राहत नहीं मिलती है, तो निर्वाचन आयोग यहां उपचुनाव की घोषणा कर सकता है।
दतिया में फिर चुनावी बिसात बिछना शुरू
- उल्लेखनीय है कि दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद गत दो अप्रैल को विधानसभा सचिवालय द्वारा उनकी सदस्यता शून्य कर दी गई थी।
- बता दें कि भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में भाजपा के कद्दावर नेता और राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को शिकस्त दी थी। वहीं, सजा के बाद सीट रिक्त घोषित होने से दतिया में फिर चुनावी बिसात बिछना शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भी औपचारिक रूप से चुनाव आयोग को दतिया सीट की रिक्तता से अवगत करा दिया।
राजेंद्र भारती को प्राकल्लन समिति से भी हटाया
आर्थिक धाेखाधड़ी के मामले में दोषसिद्ध के बाद दतिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त की जा चुकी है। वे विधानसभा की प्राकल्लन समिति के लिए निर्वाचित हुए थे और सदस्य सुविधा समिति में सदस्य के रूप में मनोनीत किए गए थे। सदस्यता समाप्त होने के बाद पांच अप्रैल को उन्हें दोनों समिति से हटा दिया गया। उनके स्थान पर दूसरे सदस्य को रखा जाएगा।



