केरल कांग्रेस के सीनियर नेता के. मुरलीधरन ने कहा कि शशि थरूर को तिरूवनंतपुरम में तब तक किसी भी पार्टी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाएगा, जब तक वह राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपना रुख नहीं बदलते।
मुरलीधरन ने रविवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि थरूर अब हमारे साथ नहीं हैं। इसलिए उनके द्वारा किसी कार्यक्रम का बहिष्कार करने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा,
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के मेंबर थरूर को अब हम में से एक नहीं माना जाता। पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा कि कांग्रेस सांसद के खिलाफ क्या कार्रवाई होनी चाहिए।

थरूर ने रविवार यानी 19 जुलाई को कहा था कि किसी भी नेता की पहली वफादारी देश के प्रति होनी चाहिए, पार्टी के प्रति नहीं। पार्टियां सिर्फ देश को बेहतर बनाने का जरिया हैं। अगर देश ही नहीं बचेगा, तो पार्टियों का क्या फायदा? इसलिए जब देश की सुरक्षा का सवाल हो, तब सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए।
थरूर ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की तारीफ की थी और ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार व सेना का समर्थन किया था। इसके बाद कांग्रेस पार्टी में उनके बयान को लेकर नाराजगी दिखी थी।
मुरलीधरन ने पहले भी थरूर पर निशाना साधा था
इससे पहले भी मुरलीधरन थरूर पर निशाना साध चुके हैं, हाल ही में जब कांग्रेस सांसद ने एक सर्वे सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसमें उन्हें केरल में कांग्रेस गठबंधन का सबसे पॉपुलर CM चेहरा बताया था, इस पर मुरलीधरन ने कहा था कि थरूर को पहले यह तय करना चाहिए कि वे किस पार्टी से हैं।
थरूर ने कहा था- देश के लिए मिलकर काम करना चाहिए
थरूर ने 19 जुलाई को कहा था कि जब हम कहते हैं कि देश के लिए दूसरे दलों से मिलकर काम करना चाहिए, तो कुछ लोग इसे पार्टी से गद्दारी समझ लेते हैं। यही सबसे बड़ी दिक्कत है। राजनीति में मुकाबला चलता रहता है, लेकिन मुश्किल वक्त में सभी को एकजुट होना चाहिए।



