नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में भी संघर्ष बढ़ गया है। इसके चलते भारत और चीन समेत कई एशियाई देशों को होने वाली तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट पर कंट्रोल कड़ा कर दिया है। बीजिंग अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठा रहा है।
चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकनॉमी है। साथ ही यह क्रूड ऑयल का सबसे बड़ा आयातक है। देश की ज्यादातर रिफाइनरियां घरेलू मांग को पूरा करने के लिए काम करती हैं। इसके बावजूद चीन पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल जैसे कई रिफाइंड प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट भी करता है। ऑफिशियल कस्टम डेटा के अनुसार पिछले साल चीन ने करीब 5.8 करोड़ टन रिफाइंड ऑयल प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट किया था
क्या फैसला लिया चीन ने?
रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते चीनी रिफाइनरियों ने पहले से तय कई रिफाइंड फ्यूल एक्सपोर्ट शिपमेंट को रद्द करना शुरू कर दिया है। ब्लूमबर्ग न्यूज ने मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकार की नई हिदायतें पिछले सप्ताह जारी उस सलाह से भी ज्यादा सख्त हैं, जिसमें निर्यात को रोकने की बात कही गई थी। सूत्रों के मुताबिक पहले यह निर्देश अनिवार्य नहीं माना जा रहा था, लेकिन अब इसे अधिक सख्ती से लागू किया जा रहा है।



