बक्सर: बिहार के बक्सर जिले के ढकाइच ठाकुरबाड़ी से चोरी हुई प्रभु श्रीराम की प्रतिमाएं आखिरकार तीन साल के लंबे कानूनी इंतजार के बाद मुक्त हो गई हैं। मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर कोईलवर थाने के मालखाने से रामलला अपने पूरे परिवार (राम-जानकी दरबार) के साथ रिहा हुए। इस भावुक क्षण का गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाजसेवी थाने पहुंचे, जहां मूर्तियों की विधि-विधान से पूजा के बाद विदा किया गया।
ठाकुरबाड़ी से कब चोरी हुई थीं प्रतिमाएं?
21 जनवरी 2023 को बक्सर जिले के ढकाइच ठाकुरबाड़ी से चोरी की गई राम, लक्ष्मण, भरत, माता सीता, हनुमान जी सहित सात अष्टधातु प्रतिमाएं बरामदगी के बाद से कोईलवर थाना के मालखाने में रखी गई थीं। करीब तीन साल बाद अदालत के आदेश पर इन्हें 6 लाख रुपये का बेल बांड भरने के बाद मुक्त किया गया।चोरी की घटना के अगले दिन 22 जनवरी 2023 की सुबह कोईलवर थाना क्षेत्र के कोईलवर-बबुरा रोड पर जांच के दौरान एक स्विफ्ट डिजायर कार से सभी मूर्तियां बरामद की गई थीं। इस दौरान मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र निवासी दिलकुमार को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था।
कितनी है मूर्तियों की कीमत?
बताया जाता है कि बरामद अष्टधातु की इन प्रतिमाओं की कीमत करीब 60 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। प्रतिमाओं की रिहाई के लिए बड़का धकाईच की सरपंच बिंदु देवी और कुसुम देवी ने मिलकर 9 लाख रुपये का बेल बांड भरा है।
कितने वर्ष पुरानी हैं मूर्तियां?
रामजानकी मठ के सचिव कन्हैया दुबे ने बताया कि वर्ष 2011 में मठ से मूर्ति चोरी के दौरान पुजारी भुनेश्वर दास की हत्या कर दी गई थी, जबकि चोरी गई मूर्ति 2013 में कोईलवर थाना क्षेत्र से बरामद कर पुनः मठ में स्थापित की गई थी। ये मूर्तियां 300 साल पुरानी बताई जाती हैं।



