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इंदौर: नगर निगम में रिश्वतखोरी के मामले लगातार उजागर हो रहे हैं। शुक्रवार को जोन-19 के सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) पुनीत अग्रवाल और बिल कलेक्टर रोहित सांवले को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था।शुक्रवार को हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कठोरतम कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने निगम कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि रिश्वतखोर कर्मचारियों पर विभागीय जांच तत्काल शुरू की जाए और आवश्यकता पड़ने पर निलंबन या बर्खास्तगी से भी पीछे न हटें।

अगर कोई मांगे रिश्वत तो तुरंत करें शिकायत

महापौर ने जनता से अपील करते हुए कहा कि शहरवासी अपने छोटे-बड़े कामों के लिए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को पैसा न दें। यदि कोई भी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी तुरंत शिकायत करें। उन्होंने बताया कि वे स्वयं हर मंगलवार और गुरुवार को निगम कार्यालय में जनता से मिलते हैं, ऐसे में कोई भी नागरिक सीधे उनसे संपर्क कर सकता है।

भ्रष्ट आरोपियों को बक्शा नहीं जाएगा

महापौर भार्गव ने कहा की लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू जैसी संस्थाएं भ्रष्टाचार रोकने के लिए बनी हैं। जब उन्हें शिकायत मिलती है तो कार्रवाई होती है और आरोपी पकड़ में आते हैं। ऐसे लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जो कर्मचारी जनता को परेशान कर पैसों की मांग करते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। निगम कर्मचारियों को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों ने नगर निगम की छवि पर भी सवाल खड़े किए हैं।