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हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) एमएलए के. टी. रामाराव (केटीआर) ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। हैदराबाद के सिटी सिविल कोर्ट में दायर मुकदमे में उन्होंने 10 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। केटीआर का आरोप है कि बंदी संजय ने उनके खिलाफ झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानि करने वाले आरोप लगाए हैं।

सभी प्लेटफॉर्म से कंटेंट हटाने की मांग

बीजेपी नेता बंदी संजय ने 8 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केटीआर पर तेलंगाना के स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच (एसआईबी) के दुरुपयोग, अवैध फोन टैपिंग और वित्तीय अनियमितताओं में शामिल होने के आरोप लगाए थे। ये आरोप कई टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर भी दिखाए गए। केटीआर ने सभी प्लेटफॉर्म से मानहानि करने वाले कंटेंट को हटाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने संजय से सार्वजनिक माफी मांगने को कहा है।

‘बंदी संजय ने राजनीतिक बदले की भावना से लगाए आरोप’

केटीआर का कहना है कि बंदी संजय ने राजनीतिक बदले की भावना से ये आरोप लगाए हैं। उनका मकसद केटीआर की छवि खराब करना है। उन्होंने आगे कहा कि 11 अगस्त को बंदी संजय को कानूनी नोटिस भी भेजा था, लेकिन उन्होंने माफी नहीं मांगी। केटीआर ने कहा जिसकी वजह से उनको कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

कोर्ट जल्द करेगा इस मामले की सुनवाई

केटीआर ने कहा, "एक निर्वाचित केंद्रीय मंत्री द्वारा इस तरह की गैरजिम्मेदाराना और अपमानजनक टिप्पणी करने से जनप्रतिनिधियों की विश्वसनीयता, गरिमा और विश्वास पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।" यह मामला हैदराबाद के सिटी सिविल कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने दायर किया गया है। कोर्ट जल्दी ही इस पूरे मामले की सुनवाई करेगा।