भोपाल: राजधानी के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित सेज सनसिटी कॉलोनी में दो छात्रों पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपित सुधांशु सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। वारदात के बाद से फरार सुधांशु इंदौर होते हुए राजस्थान के कोटा में अपने पुराने दोस्तों के पास छिपा हुआ था। पुलिस ने इस मामले में पहले ही तीन अन्य आरोपितों अनिकेत शर्मा, ओम तिवारी और राजवीर को जेल भेज दिया है।
पिता ने भेजी थी फीस, बेटे ने खरीदी पिस्टल
पूछताछ के दौरान 19 वर्षीय सुधांशु सिंह, जो मूलतः शहडोल का रहने वाला है और एलएनसीटी कॉलेज में बीटेक का छात्र है, ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सुधांशु के पिता शहडोल में ट्रांसपोर्टर हैं। उन्होंने 10 मार्च को सुधांशु को सेमेस्टर फीस जमा करने के लिए 50 हजार रुपये भेजे थे। आरोपित ने फीस जमा करने के बजाय 13 मार्च को बिहार के बेगूसराय जाकर 20 हजार रुपये में एक देसी पिस्टल खरीदी और बाकी पैसे मौज-मस्ती में उड़ा दिए।
जब कॉलेज से फीस न भरने की शिकायत पिता तक पहुंची, तो शातिर सुधांशु ने पकड़े जाने के डर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेकर कॉलेज की फर्जी फीस रसीदें तैयार कर लीं। बाद में पिता के भोपाल पहुंचने पर उसने पैसे दोस्त को उधार देने का बहाना बनाया।
शराब पार्टी के दौरान हुआ था खूनी संघर्ष
घटना 4-5 अप्रैल की दरमियानी रात की है। सुधांशु अपने दोस्तों अनिकेत और ओम के साथ सेज सनसिटी कॉलोनी के एक फ्लैट में शराब पार्टी कर रहा था। रात करीब 12:45 बजे शोर-शराबे से परेशान होकर उसी बिल्डिंग के छात्र सुधांशु साहू ने अपने साथियों के साथ विरोध दर्ज कराया।
इसी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि नशे में धुत सुधांशु सिंह ने अपनी देसी पिस्टल निकाल ली। उसने छात्र अंशुतेज पाटिल के कंधे पर और वहीं टहल रहे वासु गुप्ता के पेट में गोली मार दी। इसके अलावा दहशत फैलाने के लिए दो हवाई फायर भी किए। हालांकि, दोनों घायल छात्र अब खतरे से बाहर हैं और उन्हें एम्स से छुट्टी मिल चुकी है।
घटनास्थल पर जुलूस और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद रविवार को भोपाल पुलिस ने आरोपित सुधांशु सिंह का सेज सनसिटी कॉलोनी में पैदल जुलूस निकाला, ताकि अपराधियों में कानून का खौफ बना रहे। कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे ने बताया कि कोर्ट ने आरोपित को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
अब पुलिस की टीम सुधांशु को बिहार ले जाएगी, ताकि उस गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके जिससे उसने अवैध हथियार खरीदा था।



