Spread the love

रायपुर: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उपमुख्यमंत्री अरुण साव की बंदर से तुलना करने पर साहू समाज में भारी नाराजगी है। समाज ने इसे अपने स्वाभिमान पर हमला बताते हुए बघेल से सार्वजनिक माफी की मांग की है। साहू समाज के प्रदेशाध्यक्ष नीरेन्द्र साहू ने चेतावनी दी है कि अगर 10 दिनों के भीतर माफी नहीं मांगी गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। समाज ने पुलिस अधीक्षकों को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग करने का भी फैसला किया है।

कहानी का दिया उदाहरण

भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ी में टिप्पणी करते हुए कहा था, ‘बेंदरा ल राजा बना दिस।’ उन्होंने आरोप लगाया था कि अरुण साव के अधीन नगरीय निकाय, पीडब्ल्यूडी और जल जीवन मिशन जैसे किसी भी विभाग में काम नहीं चल रहा है। बघेल ने एक कहानी का उदाहरण देते हुए कहा कि जंगल के जानवरों ने बंदर को राजा बना दिया क्योंकि वह सबसे सक्रिय था। लेकिन जब बघवा हिरण के बच्चे को ले गया, तो बंदर सिर्फ एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर कूदता रहा और बोला कि बच्चा बचे या न बचे, उसके प्रयास में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बघेल ने कहा कि अरुण साव की स्थिति भी ऐसी ही है।

शब्दों की मर्यादा रखने की सलाह

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भूपेश बघेल को वरिष्ठ नेता होने के नाते शब्दों की मर्यादा रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रह चुके बघेल को भाषा का ध्यान रखना चाहिए और राजनीति में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि सभी को अपनी भाषा और विष पर ध्यान रखना चाहिए।

विजय शर्मा ने की निंदा

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी भूपेश बघेल के बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि बघेल ने भाषा की सीमा नहीं समझी, जैसे उन्होंने भ्रष्टाचार में भी कोई सीमा नहीं समझी। शर्मा ने कहा कि अगर बघेल के परिवार पर कोई टिप्पणी की जाए तो उन्हें भी अच्छा नहीं लगेगा।

टीएस सिंहदेव ने किया बचाव

हालांकि, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भूपेश बघेल का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि बघेल ने पूरे समाज को कुछ नहीं कहा, बल्कि यह एक व्यक्ति पर टिप्पणी हो सकती है। सिंहदेव ने माना कि यह एक चूक हुई है और भूपेश बघेल भी इसे समझ रहे होंगे।