Spread the love

नई दिल्ली: बांग्लादेश के पूर्व स्पोर्ट्स एडवाइ़जर आसिफ नजरुल ने बयान दिया था कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 से नाम वापसी लेने का फैसला बांग्लादेश टीम के प्लेयर्स और कोच द्वारा लिया गया था। हालांकि इस बात को बांग्लादेश क्रिकेट टीम के सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा है कि आसिफ नजरुल का यह बयान पूरी तरह से गलत है।

मोहम्मद सलाहुद्दीन ने आसिफ नजरुल को लेकर क्या कहा?

मोहम्मद सलाहुद्दीन ने पत्रकारों से शुक्रवार को कहा, ‘आसिफ नजरुल का बयान पूरी तरह से गलत है। बतौर यूनिवर्सिटी प्रोफेसर, मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि वह इतना साफ झूठ कैसे बोल सकता है। मुझे भरोसा है कि फैसला सरकार द्वारा लिया गया था और उसने बांग्लादेश क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप में भाग न लेने के लिए फोर्स किया था। इसमें क्रिकेटर्स या कोच की भागेदारी नहीं थी।’उन्होंने आगे कहा, क्रिकेटर्स तो तनाव में थे कि वे खेल नहीं पा रहे हैं। दो तो उनमें से गंभीर रूप से बीमार हो गए। अब आसिफ नजरुल इसका ब्लेम पूरी तरह से क्रिकेटर्स और कोच पर शिफ्ट कर रहा है जबकि वही था जिसने बांग्लादेश टीम को टी20 वर्ल्ड कप में न खेलने के लिए प्रेरित किया था।

क्या था आईसीसी और बांग्लादेश का विवाद?

दरअसल, आईपीएल 2026 से बांग्लादेशी पेसर मुस्तफिजुर रहमान को बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा के दौरान रिलीज कर दिया गया था। बीसीसीआई ने कोलकाता नाइटराइडर्स को आदेश दिया था कि मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया जाए। बोर्ड के कहने पर फ्रेंचाइजी ने ऐसा ही किया। इसके बाद बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कहा कि वे टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत खेलने नहीं आएंगे। उनके मुकाबले कहीं और शिफ्ट कराए जाएं।आईसीसी ने सर्वे कराया और देखा कि बांग्लादेश के प्लेयर्स को भारत में खतरा नहीं होगा। आईसीसी ने बांग्लादेश को आश्वासन दिया कि उनको कोई खतरा नहीं है। लेकिन बांग्लादेश भारत न आने की जिद पर खड़ा रहा। आईसीसी ने बांग्लादेश को अपना स्टैंड बदलने को कहा और डेडलाइन भी सेट की। फिर भी बांग्लादेश नहीं माना। इसके बाद अंत में आईसीसी ने बांग्लादेश को स्कॉटलैंड से टी20 वर्ल्ड कप में रिप्लेस कर दिया।