प्रयागराज: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज यौन शोषण का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। मंगलवार को शंकराचार्य ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। इस याचिका पर जल्द सुनवाई हो सकती है। इस बीच, प्रयागराज पुलिस शंकराचार्य से इस मामले में पूछताछ भी कर सकती है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आरोप है कि माघ मेले के दौरान उनके शिविर में नाबालिग बटुकों के साथ यौन शोषण हुआ था। शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज की याचिका पर लोअर कोर्ट ने शंकराचार्य पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
झूंसी थाने में दर्ज है मुकदमा
गौरतलब है कि एडीजे रेप एवं पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के निर्देश पर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 351 (2) और पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी लगाई हैं।
हरदोई में पुलिस ने दोनों बटुकों के बयान किए दर्ज
इस मामले में पुलिस नाबालिग शिष्यों का कलमबंद बयान और वीडियो रिकॉर्डिंग पर बयान दर्ज कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि दोनों बटुकों ने एफआईआर में दर्ज यौन उत्पीड़न के बयान को ही दोहराया है। हरदोई में दोनो लड़कों का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस टीम प्रयागराज वापस लौट आई है।
क्या बोले शंकराचार्य के वकील
दूसरी ओर, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने बताया कि एफआईआर और कोर्ट के आदेश में सबूतों का जिक्र नहीं था हम निचली अदालत, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तीनों में कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार हैं। गिरफ्तारी करना या ना करना पुलिस की समझदारी पर निर्भर है। अगर वे गिरफ्तारी करते हैं तो ये उनके लिए बहुत खतरनाक होगा। आग से खेलने जैसा होगा।



