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पेरिस: इजरायली हमलों में ईरान के नुकसान का यदि आकलन किया तो सबसे बड़ी क्षति उसके कम से कम 14 परमाणु वैज्ञानिकों का मारा जाना है जिनकी निगरानी ईरान का परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ा रहा था। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला भले ही ईरान को पीछे धकेल सकता है किंतु उसे रोक नहीं पाएगा।

ईरान के लिए असंभव होगा दोबारा निर्माण

फ्रांस में इजरायल के राजदूत जोशुआ जर्का ने कहा कि वैज्ञानिकों की मौत और इजरायली व अमेरिकी हमलों में बचे परमाणु ढांचों और सामग्रियों से ईरान के लिए हथियार बनाना ”लगभग” असंभव होगा। उन्होंने कहा कि पूरे समूह के खात्मे के कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम कुछ वर्ष नहीं काफी वर्ष के लिए टल गया है।हालांकि परमाणु विश्लेषकों का यह भी कहना है कि ईरान के पास अन्य वैज्ञानिक हैं जो उनकी जगह ले सकते हैं।