अनुसूचित जाति वर्ग स्वरोजगार स्थापित करने शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का ले लाभ
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित भोपाल ने बताया कि अनुसूचित जाति वर्ग को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए संत रविदास स्वरोजगार योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना एवं सावित्री बाई फुले स्व: सहायता समूह योजनाएं संचालित की जा रही है।
संत रविदास स्वरोजगार योजना
संत रविदास स्वरोजगार योजना में उद्योग स्थापित करने के लिए एक लाख से 50 लाख रूपए तक, एक लाख से 25 लाख रूपए तक सेवा इकाई एवं खुदरा व्यवसाय के लिए 18 से 45 वर्ष आयु एवं न्यूनतम कक्षा 8वीं उत्तीर्ण, परिवार की वार्षिक आय 12 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए, बैंक से प्राप्त ऋण पर 5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज अनुदान अधिकतम 7 वर्षों तक दिया जाएगा। आवेदन www.samast.mponline.gov.in पोर्टल पर एमपी ऑनलाइन के माध्यम से कर सकते है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना
डॉ. भीमराव अंबेडकर आर्थिक कल्याण योजना में स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 10 हजार से एक लाख रूपए तक का ऋण दिया जाएगा। आयु 18 से 55 वर्ष के मध्य होना चाहिए, शिक्षा का बंधन नहीं है। बैंक से प्राप्त ऋण पर 7 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज अनुदान अधिकतम 5 वर्षों तक दिया जाएगा। आवेदन www.samast.mponline.gov.in पोर्टल पर एमपी ऑनलाइन के माध्यम से कर सकते है।
सावित्री बाई फुले स्व: सहायता समूह योजना
सावित्री बाई फुले स्व: सहायता समूह योजनांतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के 18 से 55 वर्ष तक की महिलाओं को जिनका बीपीएल राशन कार्ड एवं समग्र आईडी हो, अनुसूचित जाति की महिलाओं के समूह गठित कर, लघु / कुटीर उद्योग स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से प्रत्येक महिला को अधिकतम 50 हजार रूपए तक का ऋण एवं विभाग द्वारा प्रत्येक महिला को 10 हजार अनुदान दिया जाएगा। समूह में कम से कम 5 महिला सदस्य होना चाहिए। इस योजना के आवेदन कार्यालय में सीधे जमा करें।



