नई दिल्ली: सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (Indian Oil Corporation) ने एविएशन सेक्टर की कंपनी अकासा एयर (Akasa Air) के साथ बड़ा करार किया है। दोनों मिलकर भविष्य में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) की सप्लाई को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। यह भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर को ग्रीन बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
ग्रीन फ्यूल की तरफ मजबूत कदम
इस समय दुनिया भर की एविएशन कंपनियां और एविएशन फ्यूल सप्लायर कम कार्बन वाले भविष्य के लिए तैयार हो रहे हैं। इसी दिशा में इंडियन ऑयल और अकासा एयर ने कदम बढ़ाया है। यह कदम ऐसे समय में उठा है, जबकि भारत का एविएशन मार्केट बहुत तेजी से बढ़ रहा है। वहीं, विमानन कंपनियों पर रेगुलेटर, निवेशक और ग्राहक लगातार अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने का दबाव बना रहे हैं। यह लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) हैदराबाद में विंग्स इंडिया 2026 (Wings India 2026) के दौरान साइन किया गया। इसमें अकासा एयर के सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए SAF की संभावित सोर्सिंग और सप्लाई के लिए सहयोग की रूपरेखा तैयार की गई है।
SAF है जरूरी
इस समय भारत में SAF का इस्तेमाल शुरुआती दौर में है। लेकिन, इंडस्ट्री के लोग मानते हैं कि इस तरह की पार्टनरशिप सप्लाई चेन बनाने और समय के साथ लागत कम करने के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) को हवाई यात्रा से होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के सबसे व्यवहार्य तरीकों में से एक माना जाता है। माना जा रहा है कि यह सेक्टर के नेट-जीरो उत्सर्जन की ओर बढ़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
क्या कहना है इंडियन ऑयल का
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के कंट्री हेड (एविएशन बिजनेस) शैलेश धर ने कहा, ‘यह LOI कम कार्बन वाले ईंधन को बढ़ावा देने और हमारे ग्राहकों को उनके एनर्जी ट्रांजिशन में मदद करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ईंधन उत्पादन, सप्लाई और लॉजिस्टिक्स में अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर, हम SAF के इस्तेमाल में शुरुआती ट्रांजिशन को सक्षम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहते हैं।’ इस समझौते के तहत, इंडियन ऑयल और अकासा एयर मिलकर SAF की संभावित सप्लाई मात्रा, डिलीवरी लोकेशन और समय-सीमा का आकलन करेंगे। यह सहयोग स्वीकृत सस्टेनेबल फीडस्टॉक (sustainable feedstocks) और प्रोडक्शन पाथवे (production pathways) के इस्तेमाल का भी मूल्यांकन करेगा। यह सब वैश्विक विमानन और ईंधन मानकों के अनुरूप होगा।
क्या है एसएएफ
सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल एक ऐसा ईंधन है जो पर्यावरण के लिए बेहतर होता है। इसे बनाने के लिए ऐसे स्रोतों का इस्तेमाल किया जाता है जो दोबारा पैदा हो सकें। जैसे कि इस्तेमाल किया हुआ कुकिंग ऑयल या पौधों से मिलने वाले पदार्थ। यह पारंपरिक जेट फ्यूल की तुलना में कम कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है, जिससे हवाई जहाज उड़ाने से होने वाला प्रदूषण कम हो जाता है।



