नई दिल्ली: टाटा ग्रुप को अपने नए कारोबार से फाइनेंशियल ईयर 2026 में 29,000 करोड़ रुपये तक का घाटा हो सकता है जो अनुमानों से पांच गुना अधिक है। ग्रुप के नए कारोबार में एयर इंडिया, टाटा डिजिटल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और तेजस नेटवर्क्स शामिल है। वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में ही इन कंपनियों का घाटा 21,700 करोड़ रुपये पहुंच चुका है जो फाइनेंशियल ईयर 2025 में पूरे साल के लिए 16,550 करोड़ रुपये था। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने हाल में नए कारोबार से हो रहे नुकसान पर चिंता जताई थी।
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक टाटा संस के आंतरिक अनुमानों में फाइनेंशियल ईयर 2026 में नए कारोबार से 29,000 करोड़ रुपये तक का घाटा होने की बात कही गई है। शुरुआत में इसके 5,700 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था। फाइनेंशियल ईयर 2023 में इनका कुल घाटा 16,550 करोड़ रुपये था जो 2024 में 11,800 करोड़ रुपये रह गया था। लेकिन 2025 में यह घाटा फिर बढ़ गया। इसी कारण फरवरी में बोर्ड की बैठक में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को तीसरा कार्यकाल देने का फैसला टाल दिया गया था।
टाटा डिजिटल का हाल
माना जा रहा है कि चंद्रशेखरन जून में होने वाली बोर्ड की बैठक में नए वेंचर्स से हो रहे नुकसान पर लगाम लगाने के लिए कोई योजना पेश कर सकते हैं। खासकर टाटा डिजिटल को लेकर स्थिति चिंताजनक है। इसमें बिगबास्केट, टाटा 1एमजी, क्रोमा, टाटा क्लिक और सुपर ऐप टाटा न्यू शामिल हैं। टाटा डिजिटल को चंद्रशेखरन ने 2019 में शुरू किया था। इस पर टाटा संस ने 24,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है लेकिन अब तक यह प्रॉफिटेबल नहीं बन पाया है।
अनुमान से पांच गुना ज्यादा नुकसान
- टाटा ग्रुप को नए वेंचर्स से हो सकता है 29,000 करोड़ का घाटा
- इसमें एयर इंडिया, टाटा डिजिटल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं
- टाटा डिजिटल को साल 2019 में एन चंद्रशेखरन ने शुरू किया था
- टाटा संस इसमें 24,000 करोड़ से अधिक निवेश कर चुकी है
- एयर इंडिया का घाटा 20,000 करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान



