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आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। परीक्षा देकर ऑटो से घर लौट रही कक्षा 6 की छात्रा को ऑटो चालक ने चलते वाहन में दबोच लिया। उसके साथ छेड़खानी करने लगा। अपनी आबरू बचाने के लिए छात्रा ने हिम्मत दिखाई और चलती ऑटो से छलांग लगा दी। छात्रा ने शोर मचाया। शोर सुनने के बाद भीड़ ने ऑटो का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया। ऑटो से गिरने पर छात्रा बुरी तरह घायल हो गई।

यह घटना सुबह 11 बजे की है। ताजगंज क्षेत्र के तोरा की रहने वाली 12 वर्षीय छात्रा परीक्षा देकर घर लौट रही थी। कैलाश टॉकीज के पास से उसने ऑटो पकड़ा। ऑटो में पहले से ही 4 सवारियां बैठी थीं। बसई सब्जी मंडी के पास बाकी सवारियां उतर गईं। छात्रा ऑटो में अकेली रह गई। इस बीच, ऑटो चालक शमसुद्दीन की नीयत खराब हो गई। उसने छात्रा से छेड़छाड़ शुरू कर दी। उसका जबरन हाथ पकड़ लिया। छात्रा ने हिम्मत दिखाई और शोर मचाना शुरू कर दिया। तब चालक ने उसे छोड़ा और छात्रा चलती ऑटो से कूद गई।

भीड़ ने दौड़ कर पकड़ लिया

छात्रा ने पुलिस को बताया कि ऑटो में जब वह अकेली रह गई तो चालक ने फायदा उठाने की कोशिश की। उसने रास्ता बदलने का भी प्रयास किया। यह देखकर उसने विरोध किया तो आरोपी ने उससे छेड़खानी शुरू कर दी थी। चीखते हुए उसने ऑटो से चलांग लगा दी।

चालक की जमकर हुई पिटाई

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब छात्रा गिरी तो लोगों ने ऑटो का पीछा किया। थोड़ी दूर जाकर उसे पकड़ लिया। मौके पर एक हिंदुत्ववादी संगठन के पदाधिकारी भी पहुंच गए। चालक की जमकर पिटाई लगाई और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

सक्रिय हैं ऑटो गैंग, नहीं हो रहे सत्यापन

गौरतलब है कि ऑटो में महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग रहा है। जनवरी में मथुरा के राया कट पर एक मेडिकल की छात्रा के साथ ऑटो चालक ने दुष्‍कर्म किया था। हालांकि उसे पकड़ किया गया था इस घटना के बाद भी पुलिस की सक्रियता दिखाई नहीं दी है।

ऑटो पर नहीं दिखते हेल्‍पलाइन नंबर

पुलिस अधिकारियों ने ऑटो गैंग की लूट और छेड़खानी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ऑटो चालकों के सत्यापन का अभियान शुरू किया था, लेकिन किसी भी ऑटो पर न तो पुलिस द्वारा लगाए गए क्यूआर कोड दिखाई देते हैं न ही पुलिस और अन्य हेल्पलाइन नंबर दिखाई देते हैं। यहां तक की ऑटो मालिक से लेकर चालक की कोई भी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दिखाई नहीं देती है। इसके अलावा निर्धारित रूट पर ही ऑटो चलाने के लिए एक गाइडलाइन भी बनाई थी।