सलमान खान की अगली फिल्म ‘मातृभूमि’ का नया गाना ‘चांद देख लेना’ रिलीज हो चुका है। ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ का ये गाना रोमांटिक होने के साथ-साथ ईद स्पेशल है। यहां ये भी बता दें कि हाल ही में सलमान खान की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का नाम बदलकर ‘ मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस ‘ रखा गया है जिसके बाद ये पहला गाना रिलीज किया गया है।
इस गाने की रिलीज को लेकर सलमान खान ने खुद पोस्ट किया है। उन्होंने कैप्शन में लिखा है, ‘आज आसमान में चांद देखने को नहीं मिला, कोई बात नहीं.. मातृभूमि का चांद देख लेना, युद्ध शांत हो।’
सलमान का गाना देख बोले फैन्स-भाई की पिछली 3 से 4 साल की फिल्मों से बेहतर
इस गाने में सलमान खान और चित्रांगदा सिंह की केमिस्ट्री काफी खूबसूरत और मैच्योर दिख रही है। गाने में एक फौजी और उसकी पर्सनल लाइफ के बीत का उतार-चढ़ाव साफ-साफ दिख रहा है। इस गाने को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा है, ‘ये गाना भाई की पिछली 3 से 4 साल की फिल्मों से बेहतर है, ये है ना भाई के लेवल का गाना। विजुअल्स, प्रोडक्शन बहुत बढ़िया। वाकई तुस्सी दिल खुश कर देता सलमान भाई।’ एक ने कहा- सलमान भाई ने एक बार फिर से दिल जीत लिया है। लोगों ने कहा है- भाई एक और चार्टबस्टर लेकर हाजिर हो गए हैं।
अगस्त 2026 में रिलीज होगी फिल्म ‘मातृभूमि’
बता दें कि इससे पहले सलमान खान की इस फिल्म के टाइटल ट्रैक और वैलेंटाइन डे स्पेशल सॉन्ग ‘देख लेना’ रिलीज़ होने के बाद ये गाना रिलीज किया गया है। फिल्म ‘मातृभूमि’ अगले महीने 17 अप्रैल 2026 को रिलीज होने की चर्चा थी। हालांकि, पिछले दिनों आई जानकारी के मुताबिक कुछ वजहों से इसके अगस्त 2026 में रिलीज होने की बात सामने आई है। रिलीज टालने के मुख्य वजह शूटिंग का पूरा न होना बताया गया है। मेकर्स को फिल्म के कुछ सीन को रीशूट करने की जरूरत लग रही है और बताया जा रहा है कि फिल्म के नाम और कहानी में संवेदनशीलता के चलते ये बदलाव किए जा रहे हैं।
क्यों बढ़ाई गई सलमान खान की ‘मातृभूमि’ की रिलीज डेट
‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ 2020 में गलवान घाटी में हुए भारत और चीन के बीच हुए भीषण झड़प पर बेस्ड फिल्म है। इस फिल्म का निर्देशन मशहूर अपूर्वा लखिया और हसीना पारकर ने किया है। कहा जा रहा है कि भारत और चीन के बीच बदलते भू-राजनीतिक संबंधों को देखते हुए इसकी कहानी में बदलाव किए जा रहे हैं। ऐसा इसलिए भी है ताकि फिल्म बहुत अधिक आक्रामक न लगे और शांति के संदेश पर केंद्रित हो।



