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नई दिल्ली: अडानी ग्रुप ने हाल ही में करीब 275 मिलियन डॉलर (करीब 2400 हजार करोड़ रुपये) का कर्ज लिया है। यह कर्ज विदेशी मुद्रा में लिया गया है। इससे पता चलता है कि अडानी ग्रुप अभी भी कर्ज लेने में सक्रिय है। इस बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने यह बात बताई है।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड ने 150 मिलियन डॉलर का कर्ज लिया है। यह कर्ज कई बैंकों से मिलकर लिया गया है। इन बैंकों में बार्कलेज पीएलसी, डीबीएस बैंक लिमिटेड, फर्स्ट अबू धाबी बैंक और मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, जानकारी गोपनीय होने के कारण नाम न बताने की शर्त पर यह खबर दी गई है। इसके अलावा, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड ने भी 125 मिलियन डॉलर का कर्ज लिया है। यह कर्ज मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप के साथ एक द्विपक्षीय समझौते के तहत लिया गया है।

निवेशकों का बढ़ रहा भरोसा

निवेशकों का अडानी ग्रुप पर भरोसा बढ़ रहा है। इसलिए वे अडानी ग्रुप को कर्ज देने के लिए तैयार हैं। अडानी ग्रुप अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरीकों से फंड जुटा रहा है। पिछले छह महीनों में अडानी ग्रुप ने 10 अरब डॉलर से ज्यादा का कर्ज लिया है। यह उनके कुल कर्ज का लगभग एक तिहाई है। S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने हाल ही में तीन अडानी यूनिट्स के आउटलुक को बढ़ाया है। उन्होंने इसकी वजह अडानी ग्रुप की क्रेडिट तक पहुंच को बताया है।

कितना लगेगा ब्याज?

एयरपोर्ट के लिए लिए गए कर्ज पर सिक्योर्ड ओवरनाइट फाइनेंसिंग रेट (SOFR) से लगभग 300 बेसिस पॉइंट्स ज्यादा ब्याज लगेगा। पोर्ट्स के लिए लिए गए कर्ज पर SOFR से 215 बेसिस पॉइंट्स ज्यादा ब्याज लगेगा। SOFR एक बेंचमार्क ब्याज दर है। दोनों कर्ज चार साल के लिए हैं। इनसे मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल डॉलर बॉन्ड को वापस खरीदने और पूंजीगत खर्चों के लिए किया जाएगा।