भोपाल। प्रदेश में कहीं भी पेट्रोल-डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त भंडार है। आमजन में इस लेकर कोई पेनिक न हों, यह जिम्मेदारी मैदानी अधिकारियों की है। वे संवाद बढ़ाएं। सूचना के सभी माध्यमों का उपयोग करें। यदि कोई भम्र फैलाए तो उससे सख्ती से निपटें। पेयजल की स्थिति पर नजर रखें। कहीं भी जल संकट जैसी स्थिति नहीं बननी चाहिए। यह निर्देश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार को कलेक्टर-कमिश्नर्स को वीडियो कांफ्रेंस में दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री कांफ्रेंस के सभी बिंदुओं के क्रियान्वयन को लेकर जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने कहा कि वर्तमान समय में पेट्रोल-डीजल पर गैस को लेकर जो स्थिति है, वह सबकी जानकारी में है। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति की निरंतरता बनी हुई है। शासन स्तर पर प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। कलेक्टर-कमिश्नर इसे प्राथमिकता में रखें। आमजन पेनिक न हों।
उन्होंने आगे कहा, इसी तरह खरीफ सीजन में खाद की आवश्यकता को लेकर हम सुविधाजनक स्थिति में हैं। किसी को भी चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। कानून व्यवस्था हमारी पहली प्राथमिकता है और इस पर ध्यान दिया जाए। नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, सीएम हेल्प लाइन में दर्ज शिकायतों को निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। मामले लंबित ना रहें, यह सुनिश्चित करें। रबी फसलों की कटाई भी चल रही है।
कई जगहों से नरवाई जलाने की बात सामने आई है। इस पर ध्यान दें। किसानों को प्रेरित करें और उन्हें बताएं कि इससे भूमि की उर्वरा शक्ति कमजोर होती है। गर्मी का समय आ गया है। पेयजल की स्थिति को देखें और जल संकट की स्थिति ना बने, इसके लिए कार्य योजना बनाएं। जल गंगा संवर्धन अभियान चल रहा है, इसमें सक्रिय भागीदारी रखें।



