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नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल से पहले तक अभिषेक शर्मा एक ऐसे खिलाड़ी नजर आ रहे थे जो अपनी लय ढूंढने के लिए संघर्ष कर रहे थे। टूर्नामेंट में लगातार तीन डक और उसके बाद कुछ शांत पारियों ने उन पर सवालों का पहाड़ खड़ा कर दिया था। लेकिन रविवार की रात नरेंद्र मोदी स्टेडियम में करीब एक लाख दर्शकों के सामने इस युवा खब्बू बल्लेबाज ने इतिहास ही पलट दिया।

फाइनल में अभिषेक की तगड़ी पारी

भारत ने अपने इस युवा सितारे पर भरोसा बनाए रखा और अभिषेक ने इस भरोसे का मान रखते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में मात्र 21 गेंदों पर 52 रनों की तूफानी पारी खेली। उन्होंने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया जिसमें 6 चौके और 3 छक्के शामिल थे। संजू सैमसन के साथ मिलकर उन्होंने पावरप्ले में 96 रन जोड़े जो टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का संयुक्त रूप से सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है।

शिवम दुबे के बल्ले का कमाल

इस पारी के पीछे एक दिलचस्प राज यह रहा कि जिस बल्ले से अभिषेक ने कीवियों की धज्जियां उड़ाईं वह उनका था ही नहीं। मैच के बाद अभिषेक शर्मा ने खुलासा किया कि उन्होंने फाइनल की सुबह ही शिवम दुबे का बल्ला मांग लिया था। अभिषेक ने मैच के बाद कहा, ‘आज मैं शिवम दुबे के बल्ले से खेला इसलिए दुबे को बहुत-बहुत शुक्रिया। सुबह मुझे लगा कि कुछ अलग ट्राई करना चाहिए। शुभमन आसपास नहीं थे, इसलिए मैं दुबे के पास गया और उनका बल्ला उठा लिया।’

इतिहास के पन्नों में दर्ज हुई पारी

अभिषेक का 18 गेंदों में जड़ा गया यह अर्धशतक वर्ल्ड कप इतिहास का तीसरा सबसे तेज पचासा बन गया है। इस सूची में अब वह केवल युवराज सिंह (12 गेंद) और मार्कस स्टोइनिस (17 गेंद) से पीछे हैं। पिछले एक महीने से खराब फॉर्म से जूझ रहे अभिषेक ने अपनी मानसिक स्थिति पर बात करते हुए टीम के माहौल को इस सफलता का श्रेय दिया।

अभिषेक ने कहा, ‘मैं पिछले एक महीने से इस दौर से गुजर रहा था जबकि पिछला डेढ़ साल मेरे लिए किसी सपने जैसा रहा था। ऐसी स्थिति में एक चीज बहुत मायने रखती है- आपका साथ। अगर आपके आस-पास के लोग आपको बेहतर बनाना चाहते हैं तो इससे बहुत फर्क पड़ता है। जब मैं बल्ले से योगदान नहीं दे पा रहा था तब भी टीम के हर सदस्य को मुझ पर भरोसा था।’