नई दिल्ली: शुभमन गिल को टी20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर करने के फैसले ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि कुछ ही समय पहले वह साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज में भारतीय टीम के उप-कप्तान थे। टीम की योजनाओं के हिसाब से यह फैसला भले ही सही लगे, लेकिन अचानक उन्हें बाहर करने से चयनकर्ताओं की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। गिल का हालिया प्रदर्शन शुभमन गिल ने एशिया कप के दौरान टी20 टीम में वापसी की थी और उन्हें फिर से उप-कप्तान की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि, वह ओपनिंग बल्लेबाज के तौर पर अपनी जगह पक्की नहीं कर सके। उन्होंने 15 मैचों में 291 रन बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट (137.26) और एक भी अर्धशतक न लगा पाना उनके खिलाफ गया।
योगराज सिंह ने जताई नाराजगी
पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह ने इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने एक यूट्यूब शो में कहा कि सिर्फ 4-5 पारियों में फेल होने की वजह से किसी उप-कप्तान को बाहर करना समझ से परे है। उन्होंने कहा, ‘भारतीय क्रिकेट में ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने 100 में से सिर्फ 10 मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया, फिर भी उन्हें मौके मिले।’
अभिषेक शर्मा और कपिल देव का उदाहरण
योगराज ने युवा खिलाड़ी अभिषेक शर्मा का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या कुछ मैचों में असफल होने पर उन्हें भी इसी तरह बाहर कर दिया जाएगा? उन्होंने चयनकर्ताओं को चेतावनी दी कि ऐसे बिना सोचे-समझे फैसले न लें। अपनी बात को वजन देने के लिए उन्होंने दिग्गज खिलाड़ी कपिल देव का उदाहरण भी दिया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे बिशेन सिंह बेदी ने मुश्किल समय में कपिल देव का साथ दिया था। पाकिस्तान दौरे पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में फेल होने के बावजूद बेदी ने कपिल देव पर भरोसा बनाए रखा और उन्हें इंग्लैंड दौरे पर लेकर गए, क्योंकि वह टीम के लिए उनके महत्व को समझते थे।



